झारखंड की राजधानी रांची में विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे और पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। विधानसभा थाना में 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 100 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

झड़प के बाद पुलिस की कार्रवाई
विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू करते हुए प्राथमिकी दर्ज की। केस में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर उपद्रव और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों को आरोपी बनाया गया है।
100 लोगों के नाम FIR में शामिल
पुलिस की ओर से दर्ज FIR में 100 प्रदर्शनकारियों को नामजद किया गया है। वहीं, करीब 500 ऐसे लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जिनकी पहचान फिलहाल सामने नहीं आई है।
पुलिस अब नामजद आरोपियों के साथ-साथ उन अज्ञात लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो प्रदर्शन के दौरान कथित उपद्रव में शामिल थे।
BNS की गंभीर धाराओं में केस
विधानसभा थाना में दर्ज प्राथमिकी में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस प्रदर्शन के दौरान सामने आए घटनाक्रम, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
अब आगे क्या होगा?
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस नामजद आरोपियों से पूछताछ और अज्ञात आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हिंसा या उपद्रव में कौन-कौन लोग शामिल थे।
रांची विधानसभा घेराव मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब यह मामला छात्रों और प्रदर्शनकारियों के आंदोलन से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई के चरण में पहुंच गया है।