भारतीय खेल जगत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय खेल मंत्रालय (Sports Ministry) ने एक कड़ा फैसला लेते हुए टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की आधिकारिक मान्यता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
खेल मंत्रालय ने यह सख्त कदम समय पर चुनाव (Elections) न कराने और भेजे गए ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) का संतोषजनक जवाब न देने के चलते उठाया है।
- बड़ा फैसला: खेल मंत्रालय ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की सरकारी मान्यता रद्द/निलंबित कर दी है।
- कार्रवाई का कारण: निर्धारित समयसीमा के भीतर संस्था के चुनाव कराने में नाकामी और नोटिस का सही जवाब न देना।
- तदर्थ समिति (Ad-hoc Committee) का गठन: खेल के दैनिक कामकाज और प्रशासन के संचालन की जिम्मेदारी अब भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को सौंपी गई है।
- इंटरनेशनल बॉडी से समन्वय: IOA और इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन (ITTF) मिलकर एक एड-हॉक कमेटी बनाएंगे जो नई संस्थागत व्यवस्था बनने तक काम देखेगी।
IOA संभालेगा टेबल टेनिस की कमान, एड-हॉक कमेटी करेगी संचालन
खेल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जब तक TTFI में नया और पारदर्शी प्रशासनिक ढांचा फिर से बहाल नहीं हो जाता, तब तक देश में टेबल टेनिस का संचालन एक एड-हॉक कमेटी करेगी।
मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) वैश्विक संस्था ITTF से परामर्श करके इस एड-हॉक कमेटी का गठन करे, ताकि भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियों और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भागीदारी पर कोई बुरा असर न पड़े।
विवादों से पुराना नाता रहा है TTFI का
यह पहला मौका नहीं है जब टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया विवादों के घेरे में आया हो। संघ पिछले कुछ सालों से लगातार कुप्रबंधन और चुनाव संबंधी विवादों से जूझ रहा है।
- 2021 का मनिका बत्रा विवाद: भारत की स्टार पैडलर मनिका बत्रा ने तत्कालीन नेशनल कोच सौम्यदीप रॉय पर गंभीर मैच-फिक्सिंग के आरोप लगाए थे। मनिका का दावा था कि ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान उन्हें हमवतन खिलाड़ी के खिलाफ मैच गंवाने के लिए कहा गया था।
- प्रशासनिक शिथिलता: अधिकारियों के निलंबन, आपसी खींचतान और आंतरिक चुनाव समय से न करा पाना TTFI के निलंबन की मुख्य वजह बनी।