अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के प्रशासनिक और वित्तीय संचालन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया बेहद दिलचस्प और सख्त मोड़ पर पहुंच गई है। मंगलवार (11 अगस्त 2026) को अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि परिसर के तीर्थ यात्री कक्ष में शॉर्टलिस्ट किए गए 8 प्रमुख उम्मीदवारों का आमने-सामने (In-Person) इंटरव्यू लिया गया।
5,200 से अधिक आवेदकों में से अंतिम चरण तक पहुंचे इन 8 उम्मीदवारों में 3 पूर्व IAS अफसर, 1 पूर्व IPS अफसर और 4 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल हैं। इंटरव्यू दो सत्रों (सुबह 9 से दोपहर 12 बजे और दोपहर 2 से शाम 6 बजे) में चला, जहाँ प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग 25 से 30 मिनट तक गहन पूछताछ की गई।
34 पॉइंट्स का स्पेशल फॉर्म: जनेऊ से लेकर शराब और पहनावे पर तीखे सवाल
इंटरव्यू प्रक्रिया में केवल प्रशासनिक दक्षता ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत जीवनशैली की भी कड़ी परीक्षा ली गई। आमने-सामने के इंटरव्यू से पहले सभी अभ्यर्थियों को 34 बिंदुओं वाला एक विस्तृत गूगल फॉर्म भरना अनिवार्य था।
फॉर्म और इंटरव्यू में पूछे गए मुख्य सवाल:
- धार्मिक पहचान: “क्या आप शिखा (चोटी) रखते हैं?”, “क्या आप जनेऊ धारण करते हैं?”, “क्या आप स्वयं को कट्टर हिंदू मानते हैं?”
- खान-पान और जीवनशैली: “क्या आप पूर्णतः शाकाहारी हैं?”, “क्या आप मदिरा (शराब) का सेवन करते हैं या बिल्कुल नहीं करते?”
- संस्कृति व पहनावा: “क्या आप हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार वस्त्र पहनने में पूरी तरह सहज हैं?”
- प्रशासनिक अनुभव: “आपने अपने करियर में कितनी बड़ी भीड़ का प्रबंधन (Crowd Management) किया है और भगवान राम में आपकी कितनी आस्था है?”
चयन प्रक्रिया और CEO पद के लिए अनिवार्य शर्तें
राम मंदिर ट्रस्ट ने इस महत्वपूर्ण पद के लिए कुछ बेहद सख्त नियम निर्धारित किए हैं:
- अनिवार्य योग्यता: उम्मीदवार एक निष्ठावान हिंदू होना चाहिए, जो हिंदू परंपराओं का पालन करता हो, पूर्णतः शाकाहारी हो और शराब आदि का सेवन न करता हो।
- आयु सीमा: उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच तय की गई है।
- सिलेक्शन पैनल: पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हवारे की तीन सदस्यीय समिति इन साक्षात्कारों को ले रही है।
2 सितंबर की बैठक में फाइनल नाम की उम्मीद
दानपात्रों में वित्तीय अनियमितता के आरोप और ट्रस्ट में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद इस पूर्णकालिक CEO पद की जरूरत महसूस की गई थी। चयन समिति 18 शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों में से अंतिम 3 नामों का एक पैनल तैयार कर 2 सितंबर 2026 से पहले ट्रस्ट को सौंपेगी।
2 सितंबर को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यकारी समिति की बैठक में अंतिम 3 उम्मीदवारों का साक्षात्कार कर देश के सबसे चर्चित मंदिर के पहले CEO के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।