- आंदोलन के 17वें दिन उग्र हुआ छात्रों का प्रदर्शन
- एम्बुलेंस से पहुंचे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने दागे तीखे सवाल-‘क्या यह पाकिस्तान का बॉर्डर है?’
रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और CGL परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के 17वें दिन स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। सोमवार को राजधानी रांची पूरी तरह से किले में तब्दील नजर आई।
कंटीले बैरिकेड, पानी की बौछार… दूसरे रास्ते से विधानसभा पहुंचे छात्र
हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की बहुस्तरीय बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए विधानसभा की ओर कूच किया
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल
छात्रों के उग्र प्रदर्शन और विधानसभा घेराव को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए थे:
- बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन: जगह-जगह कंटीले तारों की बैरिकेडिंग की गई थी, पानी की बौछार… दूसरे रास्ते से विधानसभा पहुंचे छात्र। छात्रों को तितर-बितर करने और आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार (Water Cannon) का प्रयोग किया।
- सुरक्षा व्यवस्था: पूरे इलाके में 1500 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है और ड्रोन कैमरों से पूरे मार्च पर नजर रखी जा रही है।
- दूसरे रास्ते से पहुंचे छात्र: वॉटर कैनन और कंटीले तारों के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र दूसरे रास्तों से बैरिकेड तोड़कर विधानसभा के करीब पहुंचने में कामयाब रहे ।
एम्बुलेंस से पहुंचे देवेंद्र महतो: ‘क्या यह भारत-पाक बॉर्डर है?’
अनशन के कारण बिगड़ी तबीयत के बावजूद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एम्बुलेंस में बैठकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
कंटीले तारों से की गई घेराबंदी पर सोरेन सरकार को घेरते हुए महतो ने तीखा हमला बोला:
“सरकार अपनी हरकतों से अराजकता को न्योता दे रही है। यह क्या पाकिस्तान या बांग्लादेश का बॉर्डर है जो छात्रों के लिए कंटीले तार लगाए गए हैं? अगर ये तार नहीं होते तो मैं यहां नहीं आता। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी, आंदोलन खत्म नहीं होगा।”
सरकार के दावे को छात्रों ने किया खारिज
एक तरफ राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं, वहीं आंदोलनकारी छात्रों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द नहीं होती और निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, तब तक उनका यह हल्लाबोल जारी रहेगा।