नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान जारी गतिरोध के बीच एक बड़ी सियासी तस्वीर सामने आई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में पार्टी के सभी 8 सांसदों ने सोमवार (10 अगस्त) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके संसदीय कार्यालय में मुलाकात की।
विपक्ष द्वारा लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर संसद को ठप करने के बीच, शरद पवार गुट के सांसदों की प्रधानमंत्री से इस अचानक हुई बैठक ने महाविकास अघाड़ी (MVA) यानी कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
‘मुलाकात केवल क्षेत्रीय मुद्दों के लिए’: सुप्रिया सुले की सफाई
विपक्षी खेमे में उठते सवालों के बीच सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात के पीछे कोई सियासी गणित नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के जनहित से जुड़े मुद्दे थे।
- संसद में गतिरोध का हवाला: सुले ने कहा कि दुर्भाग्यवश सदन की कार्यवाही न चल पाने के कारण वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याएं नहीं उठा पा रहे थे।
- प्रमुख मुद्दे: आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सांसदों ने राज्य में बाढ़-बारिश से हुए नुकसान, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और विकास परियोजनाओं पर पीएम मोदी से विस्तृत चर्चा की।
- पीएम का आश्वासन: प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और त्वरित समाधान का भरोसा दिया।
‘शरद पवार कभी NDA में नहीं जाएंगे’ — संजय राउत
एनसीपी (एसपी) के सांसदों की इस मुलाकात पर महाविकास अघाड़ी के सहयोगियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं:
- शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत: संजय राउत ने कहा, “शरद पवार गुट के सांसदों का प्रधानमंत्री से मिलना कोई नई बात नहीं है। जहां तक मैं शरद पवार जी को जानता हूं, वे कभी एनडीए (NDA) में शामिल नहीं होंगे।”
- कांग्रेस नेता सचिन सावंत: सचिन सावंत ने सलाह दी कि मुलाकात के दौरान सांसदों को 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को परिसीमन (Delimitation) के बिना तत्काल लागू करने की मांग भी रखनी चाहिए थी और विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन की एकजुटता का संदेश देना चाहिए था।
INDIA ब्लॉक की बैठक में भी शामिल रहीं सुप्रिया सुले
हालांकि इस मुलाकात के बाद जब संसद परिसर में विपक्षी दलों की समन्वय बैठक आयोजित हुई, तो सुप्रिया सुले उसमें शामिल हुईं। इससे यह साफ करने की कोशिश की गई कि शरद पवार की पार्टी विपक्षी एकता का हिस्सा बनी हुई है।