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Indian Press House > Blog > Trending News > मानसून सत्र के आखिरी दौर में परिसीमन पर बढ़ी हलचल, DMK के 22 सांसदों पर टिकी नजर; शाह समेत कई मंत्री आज पेश करेंगे अहम विधेयक
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मानसून सत्र के आखिरी दौर में परिसीमन पर बढ़ी हलचल, DMK के 22 सांसदों पर टिकी नजर; शाह समेत कई मंत्री आज पेश करेंगे अहम विधेयक

vineet verma
Last updated: August 10, 2026 8:27 am
vineet verma
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नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के आखिरी चार दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच परिसीमन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर संख्या बल जुटाने की कोशिशों के बीच द्रमुक के 22 लोकसभा सांसदों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। फिलहाल द्रमुक ने अपने रुख को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। यही वजह है कि सरकार ने सोमवार की लोकसभा और राज्यसभा की कार्यसूची में परिसीमन विधेयक को शामिल नहीं किया है।

Contents
परिसीमन पर DMK का रुख बना सबसे बड़ा सवाललोकसभा में राजग का संख्या बल 326 के पारविधेयक पारित कराने के लिए 350-360 सांसदों की जरूरतविपक्ष के सामने भी एकजुटता बचाने की चुनौतीलोकसभा में आज पेश होंगे चार अहम विधेयकराज्यसभा में भी विधायी कामकाज रहेगा अहम

परिसीमन पर DMK का रुख बना सबसे बड़ा सवाल

तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) में हुई टूट के बाद लोकसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष का मौजूदा संख्या बल पहले की तुलना में बदल गया है। ऐसे में परिसीमन विधेयक को पारित कराने के लिए द्रमुक के समर्थन या रुख की भूमिका निर्णायक हो सकती है। दूसरी ओर विपक्ष के लिए शरद पवार की एनसीपी-एसपी का साथ बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

राजग सरकार द्रमुक और एनसीपी-एसपी के रुख को लगातार परख रही है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू महिला आरक्षण लागू करने की जरूरत का हवाला देते हुए परिसीमन के मुद्दे पर विपक्षी दलों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

लोकसभा में राजग का संख्या बल 326 के पार

लोकसभा में राजग की पिछली संख्या 293 सांसदों की थी। तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई के तौर पर 20 सांसदों के जुड़ने और शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए छह सांसदों के बाद सत्तापक्ष का आंकड़ा 319 तक पहुंच गया है।

जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस के चार सांसदों और कुछ निर्दलीय सदस्यों के समर्थन को जोड़ने पर राजग के पक्ष में संख्या 326 से अधिक बताई जा रही है। इसमें अकाली दल का एक सांसद भी शामिल है, जिसने परिसीमन विधेयक पर दो दिन पहले राजग को समर्थन देने की घोषणा की थी। वाईएसआर कांग्रेस ने अप्रैल में भी लोकसभा में परिसीमन विधेयक पर राजग का समर्थन किया था।

विधेयक पारित कराने के लिए 350-360 सांसदों की जरूरत

परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में मौजूद सदस्यों के दो-तिहाई समर्थन की आवश्यकता होगी। पिछली बार सरकार को इस विधेयक पर 298 सांसदों का समर्थन मिला था, जो जरूरी बहुमत से काफी कम था।

लोकसभा में फिलहाल 540 सदस्य हैं, जबकि असम की नौगांव, पश्चिम बंगाल की बशीरहाट और मेघालय की शिलॉन्ग सीट खाली है। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सरकार को करीब 350 से 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। यही वजह है कि द्रमुक के 22 सांसदों को लेकर सत्ता पक्ष की दिलचस्पी बढ़ गई है।

विपक्ष के सामने भी एकजुटता बचाने की चुनौती

तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) में टूट के बाद विपक्ष के लिए लोकसभा में संख्या जुटाना पहले से मुश्किल हो गया है। अप्रैल में परिसीमन विधेयक के खिलाफ करीब 230 सांसदों को एकजुट करने वाले विपक्षी गठबंधन के पास अब करीब 179 सांसद बताए जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों, एआईएमआईएम, बीटीपी और आजाद समाज पार्टी के एक-एक सांसद तथा चार निर्दलीयों को जोड़ने पर विपक्षी खेमे की संख्या करीब 189 तक पहुंचती है। इन सभी ने पिछली बार परिसीमन विधेयक के खिलाफ विपक्ष का साथ दिया था।

द्रमुक के रुख को देखते हुए दोनों पक्ष तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुटे हैं। राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि विपक्षी सांसदों को बड़ी संख्या में निलंबित कर विधेयक पारित कराने की पिछली स्थिति को दोहराया नहीं जाना चाहिए।

लोकसभा में आज पेश होंगे चार अहम विधेयक

मानसून सत्र के आखिरी चरण में सोमवार को लोकसभा में चार विधेयक पेश किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल न्यायाधिकरण सुधार विधेयक-2026 पेश करेंगे। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 को जी. किशन रेड्डी पेश करेंगे।

इसके अलावा केरल (नाम में बदलाव) विधेयक-2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक-2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे।

राज्यसभा में भी विधायी कामकाज रहेगा अहम

राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल-2026 पर चर्चा होनी है, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। उच्च सदन में कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक-2026 पर भी विचार किया जाएगा।

परिसीमन विधेयक को सोमवार की कार्यसूची में जगह नहीं मिलने के बावजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष की नजर संख्या बल के साथ-साथ द्रमुक के रुख पर टिकी हुई है। मानसून सत्र के बचे दिनों में यह मुद्दा संसद की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है।

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