रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। 16 दिनों से जारी प्रदर्शन के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची में मार्च निकालने की तैयारी में हैं। छात्रों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विधानसभा के आसपास बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
विधानसभा के 750 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा
राज्य विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। यह आदेश 6 अगस्त से 12 अगस्त तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रदर्शन को देखते हुए जगन्नाथ मंदिर के पास भी मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुख्यालय मनोज कौशिक ने कहा कि छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान किसी तरह की अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को सतर्क किया गया है। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल होने की अपील की है। साथ ही असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को आंदोलन में शामिल होने से रोकने की जिम्मेदारी भी छात्रों की बताई है।
रांची के प्रमुख इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नहीं चाहता कि किसी अप्रिय घटना की वजह से किसी छात्र के करियर पर असर पड़े। शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के साथ कई जगह अवरोधक लगाए गए हैं।
प्रशासन की ओर से आंदोलनकारी छात्रों से अपील की गई है कि वे विधानसभा मार्च के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल न हों। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छात्र बोले- प्रमुख मांगें अब भी पूरी नहीं हुईं
प्रदर्शन कर रहे जेपीएससी और जेएसएससी के अभ्यर्थियों का दावा है कि सरकार ने बातचीत के दौरान उनकी अधिकांश मांगें मानने की बात कही है, लेकिन उनके मुताबिक कई अहम मुद्दे अब भी लंबित हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना, कथित अनियमितताओं की जांच कराना और भर्ती प्रक्रिया में सुधार करना शामिल है।
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत के दूसरे दौर के बाद भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है। उन्होंने राज्यभर के छात्रों से विधानसभा मार्च में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई जांच कराने के साथ जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को भी रद्द कर इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की जा रही है।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
एक अन्य छात्र नेता संजय मेहता ने कहा कि कई दौर की बातचीत के बावजूद अभ्यर्थियों की सभी मांगें स्वीकार नहीं की गई हैं। छात्रों की मांग है कि सीजीएल परीक्षा रद्द की जाए, मामले की सीबीआई जांच हो, भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए उनके प्रस्तावित मॉडल को स्वीकार किया जाए और उनके सुझाए गए भर्ती कैलेंडर का पालन किया जाए।
छात्र नेताओं ने साफ कहा है कि अगर उनकी प्रमुख मांगों में से एक भी मांग पूरी नहीं होती है तो आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र भूख हड़ताल पर भी हैं।
भाजपा ने लगाया नजरबंदी का आरोप
इस बीच भाजपा नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को नजरबंद किया गया है। भाजपा के प्रदेश महासचिव बाउरी ने कहा कि आदित्य साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती से सरकार छात्रों के आंदोलन को दबाने में सफल नहीं होगी।
जमशेदपुर में भी लागू हुई निषेधाज्ञा
प्रस्तावित विधानसभा मार्च को देखते हुए जमशेदपुर में भी रविवार आधी रात से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से रांची पहुंच रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस रास्ते में रोक रही है।
जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। अब सोमवार को प्रस्तावित विधानसभा घेराव के साथ आंदोलनकारियों ने सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव और बढ़ाने की तैयारी कर ली है।