भारतीय बैडमिंटन के लिए गर्व का क्षण सामने आया है, जहां असम की अश्मिता चालिहा ने कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का महिला सिंगल्स खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया। यह जीत खास इसलिए भी है क्योंकि अश्मिता ने चोट से वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
फाइनल में दमदार वापसी, 53 मिनट में जीता खिताब
फाइनल मुकाबले में अश्मिता चालिहा का सामना चीन की चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हान कियान शी से हुआ। पहले गेम में 14-21 से पिछड़ने के बाद अश्मिता ने जबरदस्त वापसी करते हुए अगले दो गेम 21-14, 21-14 से अपने नाम किए और 53 मिनट तक चले मुकाबले में खिताब पर कब्जा जमाया।
चोट के बाद शानदार कमबैक
26 वर्षीय अश्मिता चालिहा दाहिने घुटने की चोट के चलते करीब तीन महीने तक कोर्ट से बाहर रहीं। मई में वापसी करने के बाद उन्होंने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसमें मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचना शामिल है। उनकी यह जीत BWF वर्ल्ड टूर में उनके करियर का बड़ा मुकाम मानी जा रही है।
सेमीफाइनल में भारतीय मुकाबला
कोरिया मास्टर्स में अश्मिता का सफर शानदार रहा। सेमीफाइनल में उन्होंने हमवतन रक्षिता श्री संतोष रामराज को 21-13, 16-21, 21-13 से हराया। वहीं क्वार्टर फाइनल में उन्होंने जापान की विश्व नंबर 22 खिलाड़ी हिना अकेची को मात दी थी।
भारत की लगातार दूसरी बड़ी जीत
अश्मिता चालिहा की यह जीत भारत के लिए लगातार दूसरा BWF वर्ल्ड टूर खिताब है। इससे पहले तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इस तरह भारतीय बैडमिंटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिल रही है।
कोचिंग और ट्रेनिंग का असर
विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर काबिज अश्मिता चालिहा गुवाहाटी स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कोच पार्क ताए-सांग के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं। उनकी सफलता भारतीय बैडमिंटन के उभरते ढांचे और प्रशिक्षण प्रणाली की मजबूती को भी दर्शाती है।