श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार को छह जिलों में बादल फटने के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई गांव जलमग्न हो गए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
छह जिलों में बादल फटने से मची तबाही
मौसम विभाग पहले ही उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी कर चुका है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने हालात और गंभीर बना दिए। बाढ़ के पानी ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
शोपियां में बाढ़ से गांव जलमग्न, राहत अभियान जारी
शोपियां जिले में बादल फटने के बाद कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी भर गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। शोपियां और कुपवाड़ा में अचानक आई बाढ़ से कई गांव जलमग्न हो गए, जबकि फसलों और संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
बांदीपोरा और कुपवाड़ा में भी बिगड़े हालात, एक महिला की मौत
लगातार बारिश के बाद बांदीपोरा जिले में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए। कुपवाड़ा में सोमवार को बादल फटने के बाद अचानक आए तेज पानी के बहाव में एक महिला की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, बादल फटने के कारण इलाके में अचानक जलस्तर बढ़ गया। इसके बाद बांदीपोरा में भी बादल फटने की घटना सामने आई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
पुंछ में फ्लैश फ्लड, चार लोगों और 15 मवेशियों का रेस्क्यू
पुंछ जिले में बेतार नदी में अचानक आई बाढ़ के दौरान चार लोग बीच धारा में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल और स्थानीय लोगों ने संयुक्त अभियान चलाकर देर रात सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत अभियान के दौरान 15 मवेशियों को भी सुरक्षित बचाया गया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
राजौरी में उफनाईं नदियां, कई मकान और बिजली व्यवस्था प्रभावित
राजौरी जिले में लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया। कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिर गए और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा। राजौरी और पुंछ में कई मकानों के ढहने की सूचना है, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है।
डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ में भी बारिश-बाढ़ का असर
डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ जैसे पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है और स्थानीय लोग लगातार खराब मौसम के बीच कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने जारी रखी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है।