पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने घमंड में यह मान लिया था कि वे भगवान को भी नचा सकते हैं, उन्हें ही भगवान ने अपनी धुन पर नचा दिया। उन्होंने इसे बीजेपी के अहंकार की हार बताते हुए कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को भी इस नतीजे से जोड़ दिया।
बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा। यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव में जनसुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की। इसी नतीजे पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने बीजेपी पर कई तीखे राजनीतिक आरोप लगाए।
रैली के संदर्भ में साधा निशाना
सोमवार को बांकीपुर में अखिलेश यादव ने कहा कि जिन लोगों ने घमंड में यह सोचा था कि वे भगवान को नचा सकते हैं, आखिरकार उन्हें ही भगवान की धुन पर नाचने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनका यह बयान बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की उस रैली के संदर्भ में आया, जिसमें कथित तौर पर भगवान हनुमान के वेश में एक व्यक्ति मौजूद था।
एक्स पर पोस्ट कर साधा बड़ा हमला
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि जिन्होंने खुद को भगवान से ऊपर समझ लिया था, उन्हें स्वयं भगवान ने उनकी अकड़ के साथ चलती हुई ट्रेन से नीचे उतार दिया। उन्होंने कहा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों का घमंड भी इसी के साथ समाप्त हो गया।
हार के पीछे गिनाए कई कारण
सपा प्रमुख ने दावा किया कि यह परिणाम युवाओं की एकजुटता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त असर है। उन्होंने इसके पीछे वोट की चोरी, कागजी चोरी, चंदे की चोरी, नौकरी की चोरी, आरक्षण से जुड़े मुद्दे, भ्रष्टाचार, सार्वजनिक वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितताएं, महंगाई, मिलावट को बढ़ावा देने, माताओं और बेटियों के अपमान तथा देश की पीढ़ी जेड पर हमलों जैसे कई मुद्दों का उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन सभी कारणों से जनता का भरोसा टूटा और बीजेपी को उपचुनाव में इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा।
बीजेपी के भीतर बढ़ेगी कलह: अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि इस हार के बाद बीजेपी के भीतर भी सवाल उठेंगे। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के नेता अब अपने ही किसी वरिष्ठ नेता के इस्तीफे की मांग कर सकते हैं। उनका कहना था कि यदि चुनाव ऐसे नेताओं पर निर्भर रहेगा जो अपनी ही विधानसभा सीट नहीं बचा सके, तो पार्टी के सामने संगठनात्मक संकट और गहरा सकता है।
उत्तर प्रदेश के नेताओं को लेकर भी किया कटाक्ष
सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वे नेता, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर का पद नहीं देकर राज्य स्तर तक सीमित रखा गया, इस नतीजे से सबसे अधिक खुश होंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी विधानसभा सीट नहीं बचा सके तो राज्य अध्यक्ष चुनाव कैसे लड़ पाएंगे।
‘दोहरी इंजन सरकार की दोहरी हार’ बताया
अखिलेश यादव ने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे को दोहरी इंजन सरकार की दोहरी हार करार दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सीट की हार नहीं, बल्कि बदलाव की शुरुआत है। उनका दावा था कि बीजेपी की पारंपरिक और सुरक्षित मानी जाने वाली सीटें भी अब उसे हार से नहीं बचा पाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में पार्टी के लिए टिकट मांगने वाले उम्मीदवार भी ढूंढना मुश्किल हो जाएगा।