नई दिल्ली: 3 अगस्त 2026 को श्रावण कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और सोमवार का दिन है। इस दिन सावन का पहला सोमवार व्रत रखा जाएगा, जिसे भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार सोमवार को सुकर्मा योग, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और पंचक का भी संयोग रहेगा, जिससे दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
3 अगस्त 2026 का पंचांग
श्रावण कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 3 अगस्त को रात 10 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रात 10 बजकर 1 मिनट तक रहेगा, इसके बाद रेवती नक्षत्र प्रारंभ होगा। सुकर्मा योग रात 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इस दिन सावन का पहला सोमवार व्रत भी रखा जाएगा। साथ ही पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा।
3 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 48 मिनट से 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। प्रातः संध्या का समय सुबह 5 बजकर 10 मिनट से 6 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 1 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। सायं संध्या शाम 7 बजकर 13 मिनट से 8 बजकर 19 मिनट तक रहेगी, जबकि अमृत काल रात 9 बजकर 40 मिनट से 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।
इन शहरों में राहुकाल का समय
दिल्ली में सुबह 7 बजकर 24 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक, मुंबई में सुबह 7 बजकर 53 मिनट से 9 बजकर 30 मिनट तक, चंडीगढ़ में सुबह 7 बजकर 23 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक, लखनऊ में सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 8 बजकर 52 मिनट तक, भोपाल में सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 9 मिनट तक, कोलकाता में सुबह 6 बजकर 47 मिनट से 8 बजकर 26 मिनट तक, अहमदाबाद में सुबह 7 बजकर 49 मिनट से 9 बजकर 28 मिनट तक और चेन्नई में सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक राहुकाल रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
3 अगस्त को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 10 मिनट पर होगा।
सावन के पहले सोमवार का महत्व
3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में पड़ने वाला प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से शिव पूजा करने से पारिवारिक सुख, दांपत्य जीवन में मधुरता और मानसिक शांति प्राप्त होती है। आध्यात्मिक उन्नति की कामना रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी सावन का पहला सोमवार विशेष महत्व रखता है।