जम्मू: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में शुक्रवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। चत्रू इलाके में अचानक आए तेज जलप्रवाह में कई गाड़ियां बह गईं, जबकि चत्रू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
रात ढाई बजे बादल फटा, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, किश्तवाड़ के चत्रू क्षेत्र में शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे बादल फटने की घटना हुई। इसके बाद अचानक आई बाढ़ ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज बहाव से लोगों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कर रहा है और वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
नेशनल हाईवे बंद, आवाजाही पर रोक
बादल फटने के बाद चत्रू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जबकि प्रशासन हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहा है।
भारी बारिश से अमरनाथ यात्रा भी प्रभावित
जम्मू संभाग में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर श्री अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है। खराब मौसम के चलते शुक्रवार को बालटाल मार्ग से यात्रा स्थगित रही। वहीं पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा पहले से ही बंद है। लगातार भूस्खलन के कारण कई संवेदनशील इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
वैष्णो देवी मार्ग पर भी मौसम का असर
करीब 12 दिनों बाद वैष्णो देवी के बैटरी कार मार्ग पर यात्रा फिर शुरू हुई है, लेकिन त्रिकुटा पर्वत पर बादल छाए रहने और दोपहर बाद हुई बारिश के कारण कटड़ा-सांझीछत हेलीकॉप्टर सेवा पूरे दिन प्रभावित रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, एसडीआरएफ, श्राइन बोर्ड, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं।
4 अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने 4 अगस्त तक जम्मू संभाग के करीब 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 100 से 200 मिलीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।