Highlights
- अमित शाह के इस्तीफे की मांग: दिल्ली में छात्रों पर बल प्रयोग मामले में राहुल गांधी की मांग को मिला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का समर्थन।
- CJP चीफ का हमला: अभिजीत दीपके बोले— “अगर आंदोलनों को विदेशी फंड मिल रहा है, तो यह गृह मंत्रालय की विफलता है।”
- लोकतंत्र और न्यायपालिका पर सवाल: दीपके ने कहा— लोकतंत्र बचाना सिर्फ विपक्ष का काम नहीं, जनता को एकजुट होना होगा।
नई दिल्ली। दिल्ली में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज तथा पेलेट गन के कथित इस्तेमाल के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग किए जाने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी इस मांग का जोरदार समर्थन किया है।
छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए CJP चीफ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा।
“अमित शाह दें इस्तीफा, 20 जुलाई की कार्रवाई के वही ज़िम्मेदार”
अभिजीत दीपके ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली में छात्रों के खिलाफ जिस तरह बल प्रयोग किया गया, उसका आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्तर से ही जारी हुआ होगा।
विदेशों से फंडिंग मिलने के आरोपों पर पलटवार करते हुए दीपके ने कहा:
“अगर यह दावा किया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी या छात्र आंदोलन को बाहर से चलाया जा रहा है, तो यह खुद अमित शाह की विफलता को दर्शाता है। अगर हमारे आंदोलन को बाहर से मदद मिल रही है, तो वह किस तरह के ‘चाणक्य’ हैं? उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।”
“लोकतंत्र और संस्थाएं खतरे में, जनता को आगे आना होगा”
न्यायपालिका और केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दीपके ने कहा कि देश में लोकतंत्र को जीवित रखना अब केवल राजनीतिक विपक्ष का मुद्दा नहीं रह गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि देश की शीर्ष संवैधानिक संस्थाओं को तानाशाही रोकने के लिए आगे आना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए अब आम जनता को लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट होना पड़ेगा।
नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और सरकार पर तीखा प्रहार
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव पर टिप्पणी करते हुए CJP प्रमुख ने प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति की तीखी आलोचना की। उन्होंने सरकार पर गुंडों और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जिन फैसलों को लागू किया जा रहा है, वे देश की शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं हैं।
जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले हुआ था बड़ा आंदोलन
गौरतलब है कि हाल ही में जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बड़ा प्रदर्शन हुआ था।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और छात्रों के भारी आक्रोश के बाद सरकार को कदम उठाने पड़े थे और तत्कालीन शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्रालय विपक्ष के निशाने पर आ गया है।