Highlights
- कड़ा रुख: पीएम नेतन्याहू बोले- ‘विदेश यात्रा में कोई झिझक नहीं, हिरासत में लेने की कोशिश हुई तो स्पेशल फोर्स तैयार’।
- US दौरा व ट्रंप का समर्थन: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया भरोसा, कहा— ‘अमरीकी सरज़मीं पर गिरफ्तारी का कोई खतरा नहीं’।
- ICC का वारंट: नवंबर 2024 में गाजा युद्ध अपराधों के आरोपों को लेकर जारी हुआ था अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट।
वाशिंगटन/न्यूयॉर्किंग। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के गिरफ्तारी वारंट के बावजूद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के तेवर बेहद सख्त नज़र आ रहे हैं। अमेरिका दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि उन्हें उन देशों की यात्रा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है जो आईसीसी के आदेश का समर्थन करते हैं।
नेतन्याहू ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कोई विदेशी सरकार या एजेंसी इस वारंट के तहत उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश करती है, तो इजराइल की ‘स्पेशल फोर्स’ (Special Forces) तुरंत कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
मेडिकल इमरजेंसी और हिरासत के जोखिम पर बेबाक जवाब
विदेश यात्राओं के दौरान अप्रत्याशित परिस्थितियों या मेडिकल इमरजेंसी के वक्त संभावित गिरफ्तारी के जोखिमों पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए इजराइली पीएम ने कहा:
“हाँ, मैं इन स्थितियों के बारे में सोचता हूँ। लेकिन आप जानते हैं कि हमारे पास एक सक्षम स्पेशल फोर्स मौजूद है। मैंने खुद सेना में पांच साल तक सेवा दी है और हम अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करते।”
न्यूयॉर्क मेयर बनाम नेतन्याहू: तीखी जुबानी जंग
अपनी अमेरिका यात्रा जारी रखते हुए नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी के विरोध और उन पर कार्रवाई की मांग को खारिज कर दिया। ममदानी ने नेतन्याहू को सार्वजनिक रूप से युद्ध अपराधी करार देते हुए संघीय अधिकारियों से हस्तक्षेप का आग्रह किया था।
- नेतन्याहू का पलटवार: उन्होंने कहा, “मैं नफरत फैलाने वाले इस चुने हुए प्रतिनिधि के सामने निडर होकर सच बोलूँगा, जो न्यूयॉर्क के एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रहा है।”
- कानूनी स्थिति: हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने माना कि नगर निगम अधिकारियों के पास आईसीसी वारंट लागू करने का कानूनी अधिकार नहीं है और यह क्षेत्राधिकार केवल फेडरल एजेंसियों के पास है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजबूत सुरक्षा कवच
इस कूटनीतिक उथल-पुथल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली नेता के साथ एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी दोहराई है। व्हाइट हाउस में हुई 90 मिनट की बंद कमरे की बैठक के बाद ट्रंप प्रशासन ने आश्वस्त किया कि अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में नेतन्याहू को गिरफ्तारी का कोई खतरा नहीं है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच ईरान की परमाणु गतिविधियों को रोकने और मिडिल ईस्ट में सुरक्षा स्थिति को स्थिर करने पर महत्वपूर्ण रणनीति बनी।
क्या हैं ICC के आरोप?
नवंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने गाजा संघर्ष के दौरान भुखमरी को हथियार बनाने, नागरिकों को निशाना बनाने और मानवाधिकारों के व्यवस्थित उल्लंघन के आरोपों में नेतन्याहू के खिलाफ वारंट जारी किया था।
इजराइल और नेतन्याहू ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इस कानूनी कार्यवाही को पूरी तरह से ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ और यहूदी-विरोधी (Anti-Semitic) करार दिया है।