ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से भारत के लिए बड़ी और खुशखबरी भरी खबर आई है। स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने उम्मीद के मुताबिक शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। खास बात यह है कि नीरज के साथ-साथ भारत के दो अन्य होनहार एथलीट-रोहित यादव और यशवीर सिंह भी खिताबी मुकाबले के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे हैं।
1. क्वालिफाइंग राउंड में नीरज का संयमित प्रदर्शन
8 साल के लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रैक पर उतरे पूर्व ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने पहले ही प्रयास में 76.28 मीटर की दूरी तय की। इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में सुधार करते हुए 79.61 मीटर का थ्रो फेंका, जो उनका इस राउंड का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
इस थ्रो की बदौलत नीरज क्वालिफाइंग राउंड की तालिका में पांचवें स्थान पर रहते हुए आसानी से फाइनल में पहुंच गए।
हालाँकि, आयोजकों ने सीधे क्वालीफाई करने के लिए 84 मीटर का मानक रखा था, लेकिन टॉप 12 एथलीटों के फाइनल में जगह बनाने के नियम के तहत नीरज ने आराम से अगले दौर का टिकट कटा लिया।
2. रोहित और यशवीर ने भी दिखाया दम, अरशद नदीम 7वें स्थान पर
भाला फेंक के फाइनल में इस बार भारत का पलड़ा काफी मजबूत नजर आ रहा है, क्योंकि नीरज के अलावा दो और युवा भारतीय एथलीटों ने टॉप 12 में अपनी जगह बनाई है:
- रोहित यादव: 78.37 मीटर के थ्रो के साथ नौवें पायदान पर रहे।
- यशवीर सिंह: 78.36 मीटर के बेहतरीन प्रयास के साथ दसवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे।
वहीं, पाकिस्तान के स्टार एथलीट अरशद नदीम क्वालिफाइंग दौर में उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ पाए और 78.63 मीटर के थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे। क्वालिफाइंग दौर में श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे (82.84 मीटर) टॉप पर रहे, जबकि ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (81.29 मीटर) दूसरे स्थान पर रहे।
3. 2018 के गोल्ड मेडलिस्ट का 8 साल बाद वापसी का सफर
गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा ने 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 86.47 मीटर भाला फेंककर भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, चोट की वजह से वे 2022 बर्मिंघम खेलों में हिस्सा नहीं ले पाए थे। अब 8 साल बाद ग्लासगो में एक बार फिर उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीदें टिकी हुई हैं।
4. 90 मीटर क्लब के एकमात्र भारतीय चैंपियन
नीरज चोपड़ा का इंटरनेशनल ट्रैक रिकॉर्ड उनकी निरंतरता की गवाही देता है:
- नेशनल रिकॉर्ड: वे भारत के एकमात्र एथलीट हैं जिन्होंने 90 मीटर का जादुई आंकड़ा पार किया है। 2025 दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 90.23 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड कायम किया था।
- स्वर्णिम करियर: टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक गोल्ड, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 व एशियन गेम्स 2023 में गोल्ड और पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीतकर नीरज दुनिया के सबसे भरोसेमंद और दिग्गज एथलीटों की सूची में शीर्ष पर काबिज हैं।
अब देश भर के खेल प्रेमियों की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारत के तीनों धुरंधर मेडल पर निशाना साधेंगे।