दुबई / वाशिंगटन। पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में सैन्य तनाव अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गया है। जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर ईरान द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
इस हमले के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को “जोरदार और करारा जवाब” देने की सख्त चेतावनी जारी की है। वहीं, अमेरिका और सऊदी अरब की वायुसेनाओं ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इराक में ईरान समर्थित उग्रवादी ठिकानों पर भीषण एयर स्ट्राइक की है।
जॉर्डन में ‘मुवाफ्फाक सल्ती’ एयर बेस बना निशाना
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी ली है।
- निशाना: जॉर्डन का मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस, जो अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का एक मुख्य रणनीतिक केंद्र है।
- सुरक्षा बलों का दावा: जॉर्डन की सेना और अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए 5 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
- नुकसान: प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी डिफेंस लेयर के कारण हमला विफल रहा और किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान:
“हम ईरान की इस उकसावे वाली कार्रवाई का करारा जवाब देंगे। यह हमला अचानक था, लेकिन हमारे सैनिकों ने रियल-टाइम में मिसाइलों को ट्रैक कर उन्हें हवा में ही मार गिराया। ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
इराक में अमेरिका-सऊदी की जवाबी एयर स्ट्राइक: 4 ईरानी सैन्य सलाहकारों समेत 20 से अधिक ढेर
ईरानी हमले के तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक सरकार से समन्वय बनाकर पूर्वी इराक में समन्वित एयर स्ट्राइक की।
एयर स्ट्राइक से जुड़े मुख्य तथ्य:
- निशाना: पूर्वी इराक में स्थित IRGC समर्थित मिलिशिया के हथियार भंडारण और लॉजिस्टिक ठिकाने।
- हताहतों की संख्या: रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में IRGC के कम से कम 4 सैन्य सलाहकार और 20 से अधिक मिलिशिया लड़ाके मारे गए हैं।
- CENTCOM का पक्ष: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों के भीतर IRGC के इशारे पर हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर उत्पन्न खतरों के जवाब में की गई है।
राजनयिक घमासान: कानून के उल्लंघन का आरोप और नई चेतावनी
इस सैन्य संघर्ष के बाद कूटनीतिक मोर्चे पर भी तनाव चरम पर है:
- ईरान का रुख: ईरान के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त एयर स्ट्राइक की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे इराक की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-2(4) का उल्लंघन बताया है। ईरान का दावा है कि हमलों में नागरिक व धार्मिक परिसरों को नुकसान पहुंचा है।
- इराक के उग्रवादी संगठनों की धमकी: ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ ने अमेरिकी और सऊदी कार्रवाई पर पलटवार करने की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनका अगला निशाना सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी ठिकाने हो सकते हैं।
जॉर्डन में विफल मिसाइल हमले और उसके बाद इराक में हुए संयुक्त अमेरिकी-सऊदी हवाई हमलों ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच का छद्म युद्ध (Proxy War) अब सीधे सैन्य टकराव में बदल रहा है। CENTCOM की स्पष्ट चेतावनी के बाद आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।