संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में भारी हंगामे और राजनीतिक विरोध के बीच बहुप्रतीक्षित ‘एंटी पेपर लीक बिल’ (Public Examinations Amendment Bill) को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में इस बिल पर हुई चर्चा का जवाब दिया और विपक्ष के तीखे हमलों का पलटवार करते हुए इसे युवाओं के भविष्य के लिए एक जरूरी और ऐतिहासिक कदम बताया।
बिल की मुख्य बातें और कड़े प्रावधान
परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और नकल माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए लाए गए इस नए संशोधन विधेयक में कई कड़े प्रावधान किए गए हैं:
- लंबी सजा: दोषियों के लिए कारावास की सजा को बढ़ाकर 5 से 10 साल तक कर दिया गया है।
- भारी जुर्माना: संगठित अपराध या सॉल्वर गैंग्स में शामिल पाए जाने पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट: मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, जहाँ रोजाना सुनवाई कर 3 महीने के भीतर फैसला सुनाया जाएगा।
- समयबद्ध जांच: पुलिस या स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को इस तरह के मामलों की जांच 2 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
चर्चा के दौरान सदन में गरमागरम माहौल
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया। राज्यसभा में सीपीएम कार्यालय पर रेड और लोकसभा में राहुल गांधी तथा मंत्रियों के बयानों को लेकर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।
- डॉ. जितेंद्र सिंह का विपक्ष पर प्रहार: बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने उच्च शिक्षा के अवसरों में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- विपक्ष का कड़ा रुख: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में परीक्षा प्रणाली की व्यवस्था चरमरा गई है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने तीखे सवाल पूछते हुए सरकार को घेरा।
- संसदीय कार्यमंत्री की प्रतिक्रिया: हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों से अपील की कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, बल्कि देश के छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कड़े सुधारों का समर्थन करने का समय है।