वैश्विक बाजारों में सुस्ती, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। दलाल स्ट्रीट पर खरीदारों का दबदबा रहा और प्रमुख सूचकांक 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
कारोबार के दौरान BSE सेंसेक्स 827 अंक उछलकर 77,593 के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, NSE निफ्टी 50 भी 218 अंक चढ़कर 24,203 के स्तर को पार कर गया।
बाजार में क्यों आई यह तेजी?
मार्केट में आई इस रिकवरी की सबसे बड़ी वजह IT सेक्टर के शेयर रहे। TCS, Infosys, Wipro और HCL Tech में 2 से 4 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई। आकर्षक वैल्यूएशन और स्थिर कमाई के चलते निवेशकों का रुझान एक बार फिर IT स्टॉक्स की तरफ बढ़ा है।
कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में भारतीय कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर आ रहे हैं। इससे बाजार को मौलिक मजबूती मिल रही है और निवेशकों का भरोसा कायम है।
ग्लोबल मार्केट से भारत को फायदा
एशियाई बाजारों, विशेषकर दक्षिण कोरिया और जापान में AI और चिपमेकिंग कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। विश्लेषकों के मुताबिक, इस ग्लोबल बिकवाली से निकला फंड अब भारतीय बाजार के फेयर-वैल्यूड शेयरों की ओर शिफ्ट हो रहा है।
मजबूत टेक्निकल चार्ट
तकनीकी स्तर पर जब तक निफ्टी 23,880 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना हुआ है, तब तक बाजार का रुख सकारात्मक रहने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 24,150 का स्तर पार होने के बाद अब निफ्टी के लिए 24,400 तक के रास्ते खुल रहे हैं।
आगे क्या हैं चुनौतियाँ?
तेजी के इस माहौल के बीच कुछ चिंताएं भी बरकरार हैं, क्रूड ऑयल की कीमतें फिर से करीब 5 फीसदी बढ़कर $87 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो बाजार के लिए दबाव पैदा कर सकती हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर आने वाले फैसले पर दुनिया भर के बाजारों की नजर टिकी है।