Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: 12 साल में तीसरी बार बैकफुट पर मोदी सरकार! कृषि कानून, एनआरसी से लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक, कब-कब बदले फैसले?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > 12 साल में तीसरी बार बैकफुट पर मोदी सरकार! कृषि कानून, एनआरसी से लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक, कब-कब बदले फैसले?
Trending Newsसियासी

12 साल में तीसरी बार बैकफुट पर मोदी सरकार! कृषि कानून, एनआरसी से लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक, कब-कब बदले फैसले?

vineet verma
Last updated: July 26, 2026 4:25 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक मंत्री के पद छोड़ने की घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पिछले 12 वर्षों में उन चुनिंदा मौकों में शामिल किया जा रहा है, जब व्यापक जनदबाव के बीच केंद्र सरकार को अपना रुख बदलना पड़ा। इससे पहले नागरिकता से जुड़े विवाद, कृषि कानूनों के विरोध और एक मंत्री के इस्तीफे जैसे मामलों में भी सरकार ने परिस्थितियों के अनुसार अहम फैसले लिए थे।

Contents
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बना नई राजनीतिक चर्चा का केंद्रएनआरसी पर बदला गया सार्वजनिक रुखकृषि कानून वापस लेने का फैसलापेपर लीक विवाद ने बढ़ाया दबावइस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत क्या रही?राजनीतिक समीकरण भी बदलेमीटू आंदोलन के दौरान भी हुआ था मंत्री का इस्तीफासरकार का क्या है पक्ष?

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बना नई राजनीतिक चर्चा का केंद्र

नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और लंबे समय तक चले छात्र आंदोलनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। इसे पिछले एक दशक में जनदबाव के बाद सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख राजनीतिक कदमों में गिना जा रहा है। इससे पहले भी कुछ ऐसे अवसर आए, जब विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार को अपने रुख में बदलाव करना पड़ा।

एनआरसी पर बदला गया सार्वजनिक रुख

नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि देशव्यापी एनआरसी को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे सरकार के सार्वजनिक रुख में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा।

कृषि कानून वापस लेने का फैसला

तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन करीब एक वर्ष तक चला। शुरुआत में सरकार अपने फैसले पर कायम रही, लेकिन लंबे आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री ने तीनों कानून वापस लेने की घोषणा की और किसानों से माफी भी मांगी। यह फैसला सरकार के सबसे बड़े नीति परिवर्तन के रूप में देखा गया।

पेपर लीक विवाद ने बढ़ाया दबाव

नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध लगातार बढ़ता गया। आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा की निष्पक्षता और जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। विरोध तेज होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे इस पूरे घटनाक्रम ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया।

इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत क्या रही?

इस बार का विरोध प्रदर्शन अपने स्वरूप के कारण भी अलग माना गया। आंदोलन किसी एक संगठन या पारंपरिक नेतृत्व तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में छात्र और युवा विभिन्न माध्यमों से एकजुट हुए और विरोध लगातार फैलता गया। सोशल मीडिया, डिजिटल मंचों और जनसहभागिता ने इस अभियान को व्यापक पहचान दिलाई।

राजनीतिक समीकरण भी बदले

राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि इस आंदोलन ने पारंपरिक विपक्षी राजनीति से अलग एक नया स्वरूप दिखाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान विभिन्न वर्गों के छात्रों और युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती गई, जिससे राजनीतिक हलकों में इसकी अलग तरह से चर्चा होने लगी।

मीटू आंदोलन के दौरान भी हुआ था मंत्री का इस्तीफा

मोदी सरकार के कार्यकाल में इससे पहले केंद्रीय मंत्री एम.जे. अकबर ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया था। वह मामला अलग परिस्थितियों से जुड़ा था, लेकिन नागरिक समाज के दबाव के बाद मंत्री पद छोड़ने का वह भी एक प्रमुख उदाहरण माना जाता है।

सरकार का क्या है पक्ष?

सरकार की ओर से लगातार यह कहा गया है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए सुधारात्मक उपायों पर भी काम जारी है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: BJP News, CAA NRC Protest, Dharmendra Pradhan Resignation, Education Minister, Farm Laws, Farm Laws Repeal, India Politics, latest Hindi news, Modi government, Modi Government Decisions, NEET paper leak, NRC, Political News, Student Protest, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच नई अटकलें! ‘देवेंद्र फड़नवीस बन सकते हैं शिक्षा मंत्री’, संजय राउत के दावे से तेज हुई सियासी चर्चा
Next Article शिमला-मनाली से हो गए बोर? हिमाचल का ये छुपा हुआ स्वर्ग बना सकता है आपकी ट्रिप यादगार, दोस्तों संग जरूर करें एक्सप्लोर

फीचर

View More

शिमला-मनाली से हो गए बोर? हिमाचल का ये छुपा हुआ स्वर्ग बना सकता है आपकी ट्रिप यादगार, दोस्तों संग जरूर करें एक्सप्लोर

नई दिल्ली: अगर इस बार छुट्टियों में शिमला और मनाली जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की बजाय किसी शांत, प्राकृतिक और…

By vineet verma 3 Min Read

शिमला की भीड़ से दूर चाहिए सुकून? एक बार घूम आइए मटियाना, सेब के बागों से लेकर पहाड़ों के नजारे जीत लेंगे दिल

शिमला: अगर आप पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं, लेकिन…

3 Min Read

Success Story : किसान के बेटे पृथ्वी संघानी ने रचा इतिहास, ऑटोपायलट सिस्टम से भारत की अंतरिक्ष उड़ान को दी नई दिशा

नई दिल्ली । भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' (Vikram-1) की…

4 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Trending Newsवर्ल्ड

क्या होर्मुज को खुलवाने के लिए बनेगा नया सैन्य गठबंधन? लंदन में बड़ी बैठक की चर्चा, अमेरिका की नई रणनीति पर दुनिया की नजर

नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की नई रणनीति को लेकर हलचल…

6 Min Read
Trending Newsसियासी

‘युवा सब देख रहे हैं…’ प्रह्लाद जोशी के शिक्षा मंत्री बनते ही CJP का पहला संदेश, कहा- ‘बहुत जल्द मिलते हैं’

नई दिल्ली: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

36 दिन के आंदोलन के आगे झुकी सरकार! जानिए कैसे कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन पहुंचा निर्णायक मोड़ तक

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने जंतर-मंतर पर जश्न…

5 Min Read
Trending Newsफीचर

शिमला-मनाली से हो गए बोर? हिमाचल का ये छुपा हुआ स्वर्ग बना सकता है आपकी ट्रिप यादगार, दोस्तों संग जरूर करें एक्सप्लोर

नई दिल्ली: अगर इस बार छुट्टियों में शिमला और मनाली जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की बजाय किसी शांत, प्राकृतिक और…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?