नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ ही नए प्रभार को लेकर औपचारिक घोषणा कर दी गई।
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें इन मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी वर्ष 2004 से कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और लंबे समय से केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक जानकारी
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार राष्ट्रपति ने कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके वर्तमान विभागों के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपने के निर्देश दिए हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के लिए प्रह्लाद जोशी ने कही यह बात
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके लंबे राजनीतिक जीवन और शिक्षा क्षेत्र में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का सार्वजनिक जीवन राष्ट्र के विकास के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन सहित शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्य लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। उनके अनुसार, पद छोड़ने का निर्णय राष्ट्र निर्माण में धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को कम नहीं करता और भविष्य में भी विकास के मार्ग पर साथ काम करने के अवसर मिलेंगे।
इस्तीफे के बाद खत्म हुआ छात्रों का आंदोलन
नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार तेज होती गई थी। पिछले एक सप्ताह के दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे थे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से लौट चुके हैं।