नई दिल्ली: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान शिवलिंग पर प्रिय पुष्प अर्पित करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। अपराजिता का फूल भी ऐसे ही पवित्र पुष्पों में शामिल है, जिसे भगवान शिव का प्रिय माना गया है। मान्यता है कि सावन में इससे जुड़े कुछ उपाय करने से सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
सावन में क्यों खास माना जाता है अपराजिता का फूल?
धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अपराजिता का फूल देवी-देवताओं को प्रिय माना जाता है। विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा में इसका महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि सावन के दौरान शिवलिंग पर अपराजिता का फूल अर्पित करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।
जलाभिषेक में अपराजिता का फूल मिलाने की मान्यता
मान्यता है कि यदि सावन में शिवलिंग का जलाभिषेक करते समय जल में एक अपराजिता का फूल डालकर उसके साथ कच्चा दूध, दही, शहद और अक्षत मिलाकर अर्पित किया जाए तो यह पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है। धार्मिक विश्वास है कि इस उपाय से धन-संपत्ति के नए मार्ग खुलते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
शिवलिंग पर चढ़ा अपराजिता का फूल तिजोरी में रखने की परंपरा
मान्यता के अनुसार, सावन के किसी भी दिन मंदिर में भगवान शिव को अपराजिता का फूल अर्पित करने के बाद शिवलिंग पर चढ़ा हुआ दूसरा अपराजिता का फूल घर लाकर सुखा लें। इसके बाद उसे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने की परंपरा बताई जाती है। धार्मिक विश्वास है कि इससे आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहती है। सोमवार या शुक्रवार को यह उपाय करना अधिक शुभ माना जाता है।
हर सोमवार पांच अपराजिता के फूल चढ़ाने का महत्व
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यदि पूरे सावन के प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर अपराजिता के पांच फूल अर्पित किए जाएं तो भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और धन लाभ के योग बनने की मान्यता है। रुद्राभिषेक के दौरान भी अपराजिता का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में अपराजिता के फूल से जुड़े इन उपायों में से किसी एक को भी श्रद्धापूर्वक करने पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति, समृद्धि और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है।