नई दिल्ली: आज 18 जुलाई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज से सौर सावन मास का शुभारंभ हो रहा है, जिसका दक्षिण भारत और सौर गणना मानने वाले क्षेत्रों में विशेष महत्व है। यदि आप आज कोई शुभ कार्य, पूजा, यात्रा या नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले दिन का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग जरूर जान लें।
18 जुलाई 2026 का दैनिक पंचांग
- विक्रम संवत: 2083 (राक्षस)
- शक संवत: 1948 (कीलकर)
- मास: आषाढ़
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: पंचमी (चतुर्थी सुबह 4:51 बजे तक समाप्त)
- नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी शाम 5:22 बजे तक, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी
- योग: वरीयान योग शाम 7:22 बजे तक, फिर परिघ योग
- करण: बव शाम 3:53 बजे तक, इसके बाद बालव
- सूर्योदय: सुबह 5:34 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:20 बजे
- विशेष: आज से सौर सावन मास का प्रारंभ
आज के शुभ मुहूर्त
यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो इन शुभ मुहूर्तों का लाभ ले सकते हैं।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:13 बजे से 4:54 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 10:52 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
आज का शुभ चौघड़िया
- शुभ: सुबह 7:17 बजे से 9:00 बजे तक
- चर: दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक
- लाभ: दोपहर 2:10 बजे से 3:53 बजे तक
- अमृत: शाम 3:53 बजे से 5:37 बजे तक
आज का राहुकाल और अशुभ समय
शनिवार के दिन राहुकाल के दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
- राहुकाल: सुबह 9:00 बजे से 10:44 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 2:10 बजे से 3:53 बजे तक
आज का दिशाशूल
शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना जरूरी हो तो घर से निकलने से पहले अदरक या घी का सेवन करना शुभ माना गया है।
शनिवार का विशेष धार्मिक उपाय
आज शनिवार होने के साथ पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनि दोष, ढैय्या या साढ़ेसाती से राहत पाने के लिए शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।