Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: बलूचिस्तान पर मचा नया बवाल: ‘आजादी’ के दावे से बढ़ी हलचल, जानिए पाकिस्तान और चीन के लिए क्यों है सबसे अहम यह इलाका
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > बलूचिस्तान पर मचा नया बवाल: ‘आजादी’ के दावे से बढ़ी हलचल, जानिए पाकिस्तान और चीन के लिए क्यों है सबसे अहम यह इलाका
Trending Newsवर्ल्ड

बलूचिस्तान पर मचा नया बवाल: ‘आजादी’ के दावे से बढ़ी हलचल, जानिए पाकिस्तान और चीन के लिए क्यों है सबसे अहम यह इलाका

vineet verma
Last updated: July 16, 2026 4:35 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: बलोच नेता मीर यार बलोच के “रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान” से जुड़े एक वायरल ट्वीट ने बलूचिस्तान को एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। वायरल दस्तावेज में दावा किया गया है कि बलोच अलगाववादियों ने प्रांत के 85 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर स्वतंत्र देश की घोषणा कर दी है। साथ ही अलग प्रशासनिक व्यवस्था, नया राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान और नई मुद्रा “बलोची फालूस” का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने बलूचिस्तान के सामरिक और राजनीतिक महत्व को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

Contents
पाकिस्तान के लिए क्यों बेहद महत्वपूर्ण है बलूचिस्तान?बलूचिस्तान में विद्रोह की शुरुआत कैसे हुई?क्या है बलूचिस्तान का इतिहास?संसाधनों को लेकर क्यों बढ़ा असंतोष?चीन के लिए क्यों बेहद अहम है बलूचिस्तान?क्या बलूचिस्तान स्वतंत्र देश बन सकता है?

पाकिस्तान के लिए क्यों बेहद महत्वपूर्ण है बलूचिस्तान?

क्षेत्रफल के लिहाज से बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। इसके बावजूद यहां आबादी अपेक्षाकृत कम है और यह देश के सबसे कम विकसित क्षेत्रों में गिना जाता है। ईरान और अफगानिस्तान से सटी सीमाओं वाला यह इलाका रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। प्राकृतिक गैस, तांबा, सोना, कोयला और अन्य खनिज संसाधनों से समृद्ध यह क्षेत्र पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अरब सागर के तट पर स्थित होने के कारण बलूचिस्तान दक्षिण एशिया, मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के बीच संपर्क का प्रमुख द्वार भी माना जाता है।

बलूचिस्तान में विद्रोह की शुरुआत कैसे हुई?

बलूचिस्तान में असंतोष की जड़ें वर्ष 1947 के विभाजन तक पहुंचती हैं। उस समय कई बलोच नेताओं ने पाकिस्तान में शामिल होने का विरोध किया था। इसके बाद अलग-अलग दौर में 1940 के दशक के अंत, 1950, 1960, 1970 और फिर 2000 के दशक से विद्रोह लगातार जारी रहा।

अलगाववादी संगठनों का आरोप रहा है कि प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पाया, जबकि स्वायत्तता, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और मानवाधिकारों को लेकर भी लंबे समय से विवाद बना हुआ है।

क्या है बलूचिस्तान का इतिहास?

विभाजन के समय वर्तमान बलूचिस्तान क्षेत्र में कलात, मकरान, लास बेला और खारन नाम की चार प्रमुख रियासतें थीं। इनमें कलात सबसे बड़ी और प्रभावशाली रियासत थी। 11 अगस्त 1947 को कलात के शासक मीर अहमद यार खान ने इसे स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया था और ब्रिटिश प्रशासन ने भी उसे मान्यता दी थी।

बाद में मकरान, लास बेला और खारन ने पाकिस्तान में विलय का फैसला कर लिया, जबकि कलात अलग-थलग पड़ गया। भारत से संभावित बातचीत के बावजूद कोई समझौता नहीं हो सका और 227 दिन तक स्वतंत्र रहने के बाद 20 मार्च 1948 को कलात पाकिस्तान में शामिल हो गया, जिसके बाद यह क्षेत्र बलूचिस्तान कहलाया।

संसाधनों को लेकर क्यों बढ़ा असंतोष?

बलूचिस्तान दशकों से पाकिस्तान के आंतरिक संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। अलगाववादी समूहों का आरोप है कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद स्थानीय आबादी विकास और बुनियादी सुविधाओं से वंचित रही। लंबे समय से जारी इसी असंतोष ने अलगाववादी आंदोलन को मजबूती दी।

इसी कारण कई उग्रवादी संगठन समय-समय पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते रहे हैं।

चीन के लिए क्यों बेहद अहम है बलूचिस्तान?

बलूचिस्तान का महत्व केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। चीन के लिए भी यह क्षेत्र उसकी महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजना का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है।

65 अरब डॉलर से अधिक की इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी चीन को सड़क, रेल, ऊर्जा परियोजनाओं और बंदरगाहों के माध्यम से अरब सागर से जोड़ना है।

बलूचिस्तान के मकरान तट पर स्थित ग्वादर बंदरगाह इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यह बंदरगाह चीन को वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों तक सीधी पहुंच देता है और मलक्का जलडमरूमध्य पर उसकी निर्भरता कम करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है।

क्या बलूचिस्तान स्वतंत्र देश बन सकता है?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि बलूच विद्रोही अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं और इस चुनौती से निपटना आसान नहीं है।

हालांकि मौजूदा हालात और पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को देखते हुए निकट भविष्य में बलूचिस्तान के स्वतंत्र राष्ट्र बनने की संभावना सीमित मानी जाती है। अलगाववादी समूह समय-समय पर स्वतंत्रता का दावा करते रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें किसी देश से आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है।

 

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Baloch Liberation, Balochistan, Balochistan History, Balochistan Independence, Balochistan News, China Pakistan, China Pakistan Economic Corridor, CPEC, Gwadar port, Mir Yar Baloch, Pakistan Balochistan, Pakistan News, Republic of Balochistan, world news, बलूचिस्तान, मीर यार बलोच
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article IRCTC की नई वेबसाइट का Beta वर्जन लॉन्च, टिकट बुकिंग होगी पहले से कहीं आसान; 4 बड़े बदलाव जानिए
Next Article ‘हमें किडनी दो या इच्छामृत्यु दे दो’: कोटा की 5 प्रसूताओं की राष्ट्रपति से गुहार, इलाज में लापरवाही का लगाया गंभीर आरोप

फीचर

View More

AI की रेस में बदल गया खेल! चीनी मॉडल्स ने बढ़ाई रफ्तार, क्या अमेरिका की बादशाहत पड़ रही है कमजोर?

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ में पिछले कुछ महीनों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है।…

By vineet verma 4 Min Read

क्या मकान मालिक मनमर्जी से बढ़ा सकता है किराया? किराएदारों के ये कानूनी अधिकार जान लेंगे तो नहीं होगी परेशानी

नई दिल्ली: किराए के मकान में रहने वाले लोगों के मन में…

3 Min Read

Ladakh Vs Spiti Valley: पहली पहाड़ी रोड ट्रिप के लिए कौन-सी जगह है बेस्ट? बजट, मौसम और सफर के हिसाब से यहां समझें पूरा फर्क

नई दिल्ली: हिमालय की वादियों में रोड ट्रिप का सपना देखने वाले…

3 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Trending Newsराज्य

मानसून ने क्यों थामी रफ्तार? 5 दिन और इंतजार, फिर दिल्ली-राजस्थान समेत कई राज्यों में होगी झमाझम बारिश

नई दिल्ली: जुलाई की शुरुआत में जोरदार बारिश के बाद अब देश के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार अचानक…

4 Min Read
EntertainmentTrending News

‘मेरी किसी पत्नी ने धर्म नहीं बदला’, तीसरी शादी पर उठे विवाद के बीच पहली बार बोले आमिर खान, ट्रोलिंग पर दिया स्पष्ट जवाब

मुंबई: अभिनेता आमिर खान ने तीसरी शादी के बाद उठे विवाद और लगातार हो रही ट्रोलिंग पर पहली बार खुलकर…

4 Min Read
Trending Newsराज्य

‘हमें किडनी दो या इच्छामृत्यु दे दो’: कोटा की 5 प्रसूताओं की राष्ट्रपति से गुहार, इलाज में लापरवाही का लगाया गंभीर आरोप

जयपुर: राजस्थान के कोटा स्थित सरकारी अस्पताल में सीजेरियन प्रसव कराने वाली पांच महिलाओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र…

5 Min Read
Trending Newsबाजार

IRCTC की नई वेबसाइट का Beta वर्जन लॉन्च, टिकट बुकिंग होगी पहले से कहीं आसान; 4 बड़े बदलाव जानिए

नई दिल्ली: ट्रेन टिकट बुकिंग को तेज, सरल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?