नई दिल्ली: ट्रेन टिकट बुकिंग को तेज, सरल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने अपनी नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च कर दिया है। नए प्लेटफॉर्म को पहले की तुलना में ज्यादा यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। खास बात यह है कि इसके डिजाइन और फीचर्स को तैयार करने में छात्रों के सुझावों को भी शामिल किया गया है। अब रेलवे यात्रियों से भी फीडबैक लेगा, ताकि अंतिम संस्करण को और बेहतर बनाया जा सके।
नया डिजाइन, आसान होगा पूरा अनुभव
नई वेबसाइट का इंटरफेस पहले के मुकाबले अधिक साफ और सरल बनाया गया है। अनावश्यक ग्राफिक्स और उलझाने वाले विकल्पों को हटाकर टिकट बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि हर आयु वर्ग का यात्री बिना किसी परेशानी के आसानी से टिकट बुक कर सके।
ये 4 नए फीचर्स बदल देंगे टिकट बुकिंग का तरीका
कैप्चा और अनचाहे पॉप-अप से राहत
नई वेबसाइट में टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार आने वाले कैप्चा, गैर-जरूरी पॉप-अप, चमकदार ग्राफिक्स और ध्यान भटकाने वाले विज्ञापनों को हटाया गया है, जिससे प्रक्रिया पहले से अधिक सहज हो गई है।
एक नजर में दिखेगी सीटों की उपलब्धता
अब यात्रियों को अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध सीटों की जानकारी स्पष्ट रूप से एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी। इससे सीट खोजने में कम समय लगेगा।
तेज होगी टिकट बुकिंग प्रक्रिया
बुकिंग के चरणों की संख्या कम कर दी गई है, जिससे टिकट बुक करने में पहले की तुलना में कम समय लगेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक तेज हो जाएगी।
बार-बार जानकारी भरने की जरूरत नहीं
यात्रियों की बुनियादी जानकारी जैसे नाम और उम्र सुरक्षित रहेगी। अगली बार टिकट बुक करते समय इन्हें दोबारा दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी।
जल्द जुड़ेगा नया रिजर्वेशन सिस्टम
रेलवे के अनुसार, फिलहाल वेबसाइट का बीटा संस्करण परीक्षण के लिए जारी किया गया है। यात्रियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर इसमें आवश्यक सुधार किए जाएंगे। आने वाले कुछ सप्ताह में इसे नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा, जिससे टिकट बुकिंग की गति और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।
छात्रों के सुझावों से बदला वेबसाइट का स्वरूप
साल 2002 में शुरू हुई IRCTC की वेबसाइट आज दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म में गिनी जाती है और प्रतिदिन औसतन करीब 14.5 लाख टिकटों की बुकिंग संभालती है। वेबसाइट को नया स्वरूप देने की पहल उस समय शुरू हुई, जब मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रों ने रेल मंत्री से मुलाकात के दौरान इसमें बदलाव के सुझाव दिए। इन्हीं सुझावों और छात्रों की भागीदारी के आधार पर नया बीटा संस्करण तैयार किया गया है।