Highlights
- अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट।
- ईरान द्वारा ‘होर्मुज स्ट्रेट’ बंद करने के दावे से कच्चे तेल की कीमतों में 5% का तगड़ा उछाल।
- शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 711 अंक और निफ्टी 210 से ज्यादा अंक फिसला।
- डॉलर के मुकाबले रुपया 37 पैसे कमजोर; बीएसई (BSE) का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये घटा।
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) बढ़ने का सीधा असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के चलते सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार लाल निशान पर खुला और देखते ही देखते निवेशकों में हड़कंप मच गया। शुरुआती सत्र में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 700 से अधिक अंक टूट गया, जिससे बाजार खुलते ही निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ रुपये की भारी चपत लग गई।
क्रूड ऑयल में 5% की तेजी और ‘होर्मुज स्ट्रेट’ पर नाकेबंदी
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट का तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें हैं।
तनाव की वजह: रविवार को ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके साथ ही तेहरान ने दावा किया है कि उसने दुनिया की सबसे व्यस्त समुद्री लाइफलाइन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ (Strait of Hormuz) को फिर से पूरी तरह बंद कर दिया है।
इस नाकेबंदी की खबर आते ही ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4 से 5 प्रतिशत उछलकर 79-80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने और आर्थिक विकास दर प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल: आंकड़ों की जुबानी
- सेंसेक्स (Sensex): शुक्रवार को 77,569.39 पर बंद होने के बाद, सोमवार को सेंसेक्स 76,963.35 अंकों पर खुला। लेकिन बिकवाली के दबाव में यह 711.96 अंक गिरकर 76,857.43 के निचले स्तर पर आ गया।
- निफ्टी (Nifty): नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 210 अंकों की गिरावट के साथ 24,000.20 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पास आ गया।
बाजार की इस गिरावट में टीसीएस, एचसीएल, एनटीपीसी और पावरग्रिड जैसी दिग्गज आईटी और एनर्जी कंपनियों को छोड़कर बाकी लगभग सभी सेक्टर्स के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
निवेशकों को क्यों हुआ 3 लाख करोड़ का नुकसान?
शेयर बाजार की इस गिरावट का सीधा असर बीएसई (BSE) के मार्केट कैप पर पड़ा। शुक्रवार को जहां बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 482 लाख करोड़ रुपये था, वह सोमवार को घटकर करीब 479 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इस तरह महज कुछ ही घंटों के कारोबार में बाजार की कुल वेल्थ (मार्केट कैप) में से 3 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।
बाजार में गिरावट के अन्य बड़े कारण
- रुपये में बड़ी गिरावट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने और कच्चे तेल के महंगे होने से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 37 पैसे कमजोर हो गया।
- Volatility Index (VIX) में उछाल: बाजार में अनिश्चितता और डर को मापने वाला इंडेक्स ‘VIX’ लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर 13.38 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बीच घबराहट को दर्शाता है।
- एशियाई बाजारों का दबाव: भारत के अलावा जापान, चीन और अन्य एशियाई शेयर बाजारों में भी सुबह से ही भारी गिरावट दर्ज की जा रही थी, जिसने भारतीय सेंटिमेंट को और बिगाड़ दिया।