Highlights
- ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार (13 जुलाई) को अमेरिकी ठिकानों पर किया भीषण हमला।
- जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस और बहरीन में अमेरिकी ड्रोन कमांड सेंटर को बनाया निशाना।
- तेहरान ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को दी खुली चेतावनी- ‘हमले नहीं रुके तो तबाह कर देंगे सारे ठिकाने’।
- कुवैत और जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की कई मिसाइलों को हवा में मार गिराने का दावा किया।
तेहरान/वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब बेहद घातक और विनाशकारी रूप ले चुका है। अमेरिका द्वारा ईरान के पांच राज्यों पर एक साथ किए गए भीषण हमलों के बाद, अब तेहरान ने इसका सीधा और बड़ा बदला लिया है। ईरान ने सोमवार (13 जुलाई) को मध्य पूर्व (Middle East) में स्थित तीन प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों को एक साथ टारगेट किया। ईरान की सेना ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेसों पर मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों से भीषण हमला बोल दिया है।
IRGC का बड़ा दावा: ड्रोन कमांड सेंटर और मिसाइल डिपो तबाह
ईरान की शक्तिशाली सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी कर इस जवाबी हमले की पुष्टि की है।
कहां-कहां हुआ हमला: ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सेना के प्रिंस हसन एयरबेस को निशाना बनाया, जहां उसने फ्यूल टैंक और मिसाइल डिपो पर सटीक हमले का दावा किया है। इसके अलावा, बहरीन में मौजूद अमेरिका के बेहद संवेदनशील ड्रोन कमांड सेंटर पर भी ड्रोन के जरिए बड़े धमाके किए गए हैं।
तेहरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरान की धरती पर अपने हमलों को तुरंत नहीं रोका, तो क्षेत्र में मौजूद उसके बाकी सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
जॉर्डन और कुवैत का पलटवार: हवा में ही मार गिराईं मिसाइलें
ईरान के इस बड़े हवाई हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हालांकि, अमेरिकी सहयोगियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की है:
- जॉर्डन का दावा: जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि ईरान की ओर से उनके एयरस्पेस में कई मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से कम से कम चार घातक मिसाइलों को उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
- कुवैत में अलर्ट: ‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने बयान जारी कर कहा है कि उनका एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह एक्टिव है और दुश्मन की मिसाइलों का डटकर मुकाबला कर रहा है। कुवैत ने भी ईरान की कई मिसाइलों को हवा में मार गिराने का दावा किया है।
मिडिल ईस्ट में वर्ल्ड वॉर जैसी स्थिति
अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर घुसकर किए गए हमलों के बाद ईरान के इस पलटवार ने खाड़ी देशों में युद्ध की आग को और भड़का दिया है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा (Fifth Fleet) मौजूद है, और वहां ड्रोन कमांड सेंटर पर हमला होने से अमेरिका अब और भी आक्रामक रुख अपना सकता है। इस महायुद्ध के चलते वैश्विक सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।