मेरठ हिंसक झड़प और ललिता गौतम केस: मुख्य बातें
- हाई-वोल्टेज ड्रामा: मेरठ कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच खूनी संघर्ष; महिला कर्मियों समेत 11 पुलिसकर्मी घायल।
- SSP का थप्पड़ कांड: हिरासत में लिए गए युवक रवि गौतम को बंदी वाहन के अंदर थप्पड़ मारते दिखे एसएसपी अविनाश पांडे, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
- विपक्ष का तीखा हमला: सपा मुखिया अखिलेश यादव और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने यूपी पुलिस को बताया “दलित विरोधी”, लाठीचार्ज की निंदा की।
- पुलिस का बड़ा खुलासा: पुलिस का दावा— पीड़ित परिवार कार्रवाई से संतुष्ट था, बाहरी और जिला बदर अपराधियों ने पैसों का लालच देकर दंगा भड़काया।
यूपी के मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड (जिसका शव 17 मई को मिला था और मुख्य आरोपी जेल में है) की जांच के विरोध में कलेक्ट्रेट पर अचानक भारी बवाल हो गया। कमिश्नरी चौराहे पर जुटी भीड़ ने न सिर्फ कचहरी का मुख्य रास्ता जाम किया, बल्कि जिलाधिकारी कार्यालय का गेट तोड़ने की भी कोशिश की। इस दौरान भीड़ को रोकने गई पुलिस टीम पर पथराव कर दिया गया, जिसमें महिला पुलिसकर्मियों समेत 11 जवान घायल हो गए।
इस हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा और 13 नामजद समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बंदी वाहन में ड्रामा: खुदकुशी की कोशिश और एसएसपी का वायरल वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम में तब नया मोड़ आ गया जब सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हो गए:
- फांसी लगाने का प्रयास: पुलिस हिरासत में लिए गए नोएडा के आरोपी रवि गौतम ने बंदी वाहन के अंदर अपने गमछे से फांसी लगाने की कोशिश की, जिसे सतर्क पुलिसकर्मियों ने नाकाम कर दिया।
- एसएसपी का थप्पड़: इसी दौरान मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह बंदी वाहन के पास जाकर आरोपी रवि गौतम को थप्पड़ जड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही विपक्षी दल हमलावर हो गए हैं।
अखिलेश यादव और चंद्रशेखर आजाद ने खोला मोर्चा
विपक्षी नेताओं ने इस घटना को लेकर योगी सरकार और यूपी पुलिस पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है:
अखिलेश यादव (एक्स पर): “भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मेरठ में दलित समाज की बेटी के लिए न्याय की आवाज उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों पर किया प्रहार और लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है।”
सांसद चंद्रशेखर आजाद: “पीड़ित परिजनों पर लाठीचार्ज भाजपा सरकार की अनुसूचित जाति विरोधी कार्यशैली दर्शाता है। मैं खुद मेरठ पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करूंगा।”
पुलिस की इनसाइड स्टोरी: ‘बाहरी अपराधियों ने भोले-भाले परिवार को भड़काया’
सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना और एसएसपी के मुताबिक, इस बवाल के पीछे पीड़ित परिवार नहीं बल्कि बाहरी जिलों के शातिर अपराधी शामिल थे।
- संतुष्ट था परिवार: पुलिस ने वीडियो साक्ष्य दिखाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के साथ 10-12 बार विवेचना साझा की गई थी और वे संतुष्ट थे।
- भड़काने की ऑडियो रिकॉर्डिंग: पुलिस को एक ऑडियो क्लिप मिली है, जिसमें मृतका के भाई को हथियार के लाइसेंस और पैसों का प्रलोभन देकर दंगा करने के लिए उकसाया जा रहा था।
- हिस्ट्रीशीटरों की एंट्री: गिरफ्तार आरोपियों में रवि गौतम (4 केस दर्ज), अमरोहा का जिला बदर अपराधी दिग्विजय सिंह भाटी (9 केस दर्ज) और हत्या के प्रयास का आरोपी रितिक शामिल हैं, जो बाहरी जिलों से भीड़ जुटाकर माहौल बिगाड़ने आए थे।