सोशल मीडिया पर ‘व्यूज’ और ‘लाइक्स’ की भूख लोगों से क्या-कुछ नहीं करवा रही है। आजकल इंटरनेट पर “टिर्री प्रैंक” (Tirri Prank) नाम का एक अजीब और खतरनाक ट्रेंड चल रहा है, जिसने गरीब ई-रिक्शा चालकों की नाक में दम कर रखा है। लेकिन अब इस मामले में सरकार और प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है।
रील्स और वीडियोज के जरिए मासूम ड्राइवरों को परेशान करने वाले इस खेल को रोकने के लिए सरकार ने विवादित BAT-BMS ऐप को गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटाने के आदेश दे दिए हैं।
क्या है ये पूरा माजरा?
दरअसल, चीन की एक कंपनी द्वारा बनाया गया BAT-BMS ऐप असल में लिथियम-आयन बैटरी की हेल्थ, वोल्टेज और टेम्परेचर मॉनिटर करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इसमें ब्लूटूथ के जरिए बैटरी को ऑन/ऑफ करने का एक ‘डिस्चार्ज स्विच’ फीचर भी है।
अब कुछ कंटेंट क्रिएटर्स ने इसका गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया। भारत में चल रहे कई ई-रिक्शा की बैटरियों में कोई पासवर्ड या सिक्योरिटी लॉक नहीं होता ‘ओपन ब्लूटूथ मोड’। प्रैंक करने वाले लोग सड़क पर चलते ई-रिक्शा के पास जाते हैं, ब्लूटूथ से बैटरी कनेक्ट करते हैं और ऐप से एक क्लिक में चलते हुए रिक्शे को बीच सड़क पर ही ठप कर देते हैं।
प्रैंक से शुरू हुआ खेल, वसूली पर खत्म!
बात सिर्फ एक मजाक तक नहीं रुकी। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जैसे इलाकों से ऐसी शिकायतें आईं कि रिक्शा बंद करने के बाद ये लोग खुद को ‘मैकेनिक’ या ‘टेक्निकल एक्सपर्ट’ बताते थे। बेचारे गरीब और मासूम ड्राइवर्स, जिन्हें तकनीक की समझ नहीं है, वो डर जाते थे। इसके बाद ये प्रैंकर्स रिक्शा ठीक करने (यानी ऐप से दोबारा ऑन करने) के नाम पर उनसे 200 से 300 रुपये की अवैध वसूली भी कर रहे थे।
एक्शन में सरकार और पुलिस
ई-रिक्शा एसोसिएशन के बढ़ते गुस्से और सुरक्षा को खतरे में देखते हुए दिल्ली सरकार, परिवहन मंत्रालय और साइबर सेल ने इस पर तगड़ा एक्शन लिया है:
- ऐप पर बैन: सरकार ने BAT-BMS और Lossigy जैसे ऐप्स को तुरंत प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है (Apple App Store से इसे ऑलरेडी रिमूव किया जा चुका है)।
- क्राइम ब्रांच की एंट्री: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले में एक्टिव हो चुकी है और कई इलाकों से ऐसे प्रैंकर्स को गिरफ्तार भी किया गया है।
ये ‘प्रैंक‘ नहीं, सीधे जेल का रास्ता है!
साइबर एक्सपर्ट्स और कानूनी जानकारों का साफ कहना है कि किसी के वाहन को रिमोटली हैक करना या बंद करना कोई मजाक नहीं बल्कि एक गंभीर साइबर क्राइम है।
बीच सड़क पर अचानक रिक्शा बंद होने से कोई भी बड़ा एक्सीडेंट हो सकता है और सवारियों की जान खतरे में पड़ सकती है। ऐसा करने वालों पर IT Act की धारा 66 के तहत केस दर्ज हो रहा है, जिसमें 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।