लखनऊ। राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे पूर्व सांसद विनय कटियार ने सीधे तौर पर माना है कि राम मंदिर के चंदे में भारी हेर-फेर और गबन हुआ है। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में दावा किया कि इस गंभीर मुद्दे पर उनकी सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई है।
कटियार और पीएम मोदी के बीच क्या हुई बात? विनय कटियार ने बताया: “मैंने इस मामले पर पीएम मोदी से बात की। उन्होंने मुझसे पूछा कि अब आगे क्या होगा? मैंने उनसे कहा कि आप चिंता मत करिए, सब ठीक हो जाएगा। हो सकता है कि आने वाले दिनों में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को जेल जाना पड़े।” कटियार ने आगे जोड़ा कि किसी कारणवश चंपत राय अब तक जेल जाने से बचे हुए हैं।
‘गोपाल राव सबसे बेकार आदमी, उसने मुझसे पूछा किसकी इजाजत से आए हो’
विनय कटियार ने ट्रस्ट के सहायक प्रशासक गोपाल राव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘सबसे बेकार आदमी’ करार दिया। कटियार ने एक पुराना किस्सा साझा करते हुए कहा:
- “पता नहीं किसने उसे यहां बनाकर भेजा था। हम जब वहां गए तो गोपाल राव ने हमसे पूछा कि आप किसकी अनुमति से यहां आए हो? मैंने उससे कह दिया कि तुम यहां नहीं रहने वाले, अपने साउथ (दक्षिण भारत) ही लौट जाओ जहां से आए हो।”
- कटियार ने भावुक होते हुए कहा कि देश के लाखों-करोड़ों लोगों ने राम मंदिर के लिए अपना बलिदान दिया है, और यहाँ पैसे का जबरदस्त गबन हो रहा है। अब मुख्य आरोपी अविनाश पर पुलिस का डंडा चलना बेहद जरूरी है।
एसआईटी (SIT) के सामने चंपत राय की पेशी, बोले-“कलंक लेकर नहीं जाऊंगा”
इस बयानबाजी के बीच अयोध्या में जांच की आंच सीधे ट्रस्ट के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच गई है। सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने मंदिर परिसर में ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आमने-सामने बिठाकर मैराथन पूछताछ की है।
- धोखे का शिकार हुए चंपत राय? सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस वक्त एकांतवास में रह रहे चंपत राय ने अपने करीबियों से कहा है कि उनके साथ बहुत बड़ा ‘धोखा’ हुआ है।
- हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन चंपत राय ने साफ लहजे में कहा— “अयोध्या में मेरी सेवा पूरी हो गई है, लेकिन मैं अपने सिर पर ‘कलंक’ का दाग लेकर अयोध्या से वापस नहीं जाऊंगा।”
मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला 24 घंटे की रिमांड पर, 20.39 लाख बरामद
चढ़ावा चोरी के इस मामले में पुलिस ने जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला (जो मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने का काम करता था) को कोर्ट से 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया है। जांच के दौरान अविनाश के पास से 20.39 लाख रुपये की भारी नकदी पहले ही बरामद की जा चुकी है, जिससे यह साफ है कि भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं।
अब तक क्या हुआ? (Timeline of Investigation)
- 13 जून: यूपी सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) का गठन किया।
- 23 जून: एसआईटी ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी।
- 25 जून: मामले में पहली एफआईआर (FIR) दर्ज की गई और नामजद 8 लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
विनय कटियार के इस बयान के बाद अब यह मामला सिर्फ एक वित्तीय घोटाले का नहीं रह गया है, बल्कि इसने एक बड़े राजनीतिक तूफान का रूप ले लिया है। अब देखना यह है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के बाद क्या सचमुच ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों पर कानून का शिकंजा कसता है या नहीं।