अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी का मामला अब पूरे देश का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रामनगरी अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।
इस घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक अविनाश शुक्ला को जब पुलिस रिमांड पर लेकर अयोध्या पुलिस लाइंस पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। छावनी में तब्दील पुलिस लाइंस: सुरक्षा कारणों से पुलिस लाइंस के सभी एंट्री गेट तुरंत बंद कर दिए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में यूपी पुलिस और पीएसी (PAC) के जवान तैनात किए गए हैं।
‘बाबा बागेश्वर’ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे अयोध्या: “यह सिर्फ पाप नहीं, महापाप है”
इस बड़े विवाद के बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में हुई इस हेराफेरी पर बेहद कड़ा और तीखा रुख अपनाया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा:
“राम मंदिर के चढ़ावे के साथ खिलवाड़ करना केवल एक साधारण पाप नहीं, बल्कि बहुत बड़ा महापाप है। इस कृत्य के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें देश का कानून तो सजा देगा ही, लेकिन वे ईश्वर के दंड से भी नहीं बच पाएंगे।”
साथ ही उन्होंने देश के करोड़ों रामभक्तों से अपील की कि वे सरकार और एसआईटी (SIT) की जांच पर पूरा भरोसा रखें। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि इस समय मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं, इसलिए सभी लोग अफवाहों से सावधान रहें।
चंदा चोरी पर छिड़ा सियासी घमासान: चिराग पासवान बनाम समाजवादी पार्टी
इस संवेदनशील मुद्दे पर देश की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। केंद्र सरकार से लेकर विपक्ष तक आमने-सामने आ गए हैं:
1. भ्रष्टाचारियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा: चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पवित्र मुद्दे पर राजनीति करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा, “इस बात को कोई नहीं नकार रहा कि वहां कुछ गलत हुआ है। कुछ भ्रष्टाचारियों ने करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सख्त से सख्त सजा मिलेगी।”
2. 150 करोड़ लोगों की संवेदनाओं के साथ खिलवाड़: सपा
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी (SP) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह देश का सबसे बड़ा भावनात्मक और धार्मिक मुद्दा है। आशुतोष वर्मा ने कहा, “इस आस्था के साथ देश के 150 करोड़ लोगों की भक्ति और संवेदनाएं जुड़ी हुई हैं, जिसके साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हुआ है। फिलहाल राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) मामले की जांच कर रही है और देश सच का इंतजार कर रहा है।”
SIT की जांच पर टिकी सबकी नजरें
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अविनाश शुक्ला की रिमांड के बाद कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने भी इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ेगा।