नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान करते हुए पार्टी के डिजिटल और सोशल मीडिया विंग में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया है। पिछले एक दशक (10 साल) से अधिक समय से बीजेपी आईटी सेल की कमान संभाल रहे अमित मालवीय को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को बीजेपी का नया राष्ट्रीय आईटी सेल प्रमुख नियुक्त किया गया है।
1. डिजिटल और सोशल मीडिया टीम में नए चेहरे
बीजेपी ने अपने डिजिटल अभियान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नई धार देने के लिए 4 प्रमुख राज्यों से नए समन्वयकों (Coordinators) को जिम्मेदारी सौंपी है:
- नए आईटी सेल प्रमुख: दीपक म्हास्के (छत्तीसगढ़)
- सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर्स:
- प्रीति गांधी (महाराष्ट्र)
- शिवानंद द्विवेदी (दिल्ली)
- आलोक भट्ट (उत्तराखंड)
- अरुण यादव (हरियाणा)
- मीडिया विभाग: राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया कन्वीनर के पद पर यथावत बने रहेंगे।
2. 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों और 8 महामंत्रियों की घोषणा
डिजिटल विंग के साथ-साथ शीर्ष संगठनात्मक ढांचे में भी अनुभवी नेताओं का संतुलन बनाया गया है:
- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (13 पद): पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राम माधव, बैजयंत पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, भारती पवार और मनप्रीत सिंह बादल।
- राष्ट्रीय महामंत्री (8 पद): पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया।
- संगठन महामंत्री: बीएल संतोष अपने पद पर बने रहेंगे, जबकि शिवप्रकाश और सौदान सिंह को सह-संगठन महामंत्री बनाया गया है।
3. राष्ट्रीय सचिव और नए कोषाध्यक्ष
- राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
- केंद्रीय कार्यालय प्रभारी: तरुण चुघ को कार्यालय प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है।
- राष्ट्रीय सचिव: अनिल एंटनी, के. सुरेंद्रन, के. कविता पाटीदार, भोला सिंह, प्रदीप वर्मा, फांगनोन कोन्याक, संदीप पाठक और मनोज तिग्गा को सचिव नियुक्त किया गया है।
बदलाव के मायने
आगामी राज्य विधानसभा चुनावों और ‘मिशन 2027’ को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपने डिजिटल और जमीनी तंत्र दोनों को एक साथ रिफ्रेश किया है। अमित मालवीय के दौर के बाद दीपक म्हास्के की अगुवाई में बीजेपी की नई डिजिटल रणनीति पर अब सभी की निगाहें टिक गई हैं।