- ईरान के सबसे रहस्यमयी नेता का चौंकाने वाला फैसला
मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच ईरान से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। ईरान के नए और बेहद रहस्यमयी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) अपने पिता और देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार (जनाजे) में शामिल नहीं होंगे। हाल ही में अपनी पत्नी के जनाजे से दूरी बनाने के बाद, अब पिता के अंतिम सफर में भी न दिखने के उनके इस फैसले ने कई बड़े सवालों को जन्म दे दिया है।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि देश का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति अपने ही परिवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने से कतरा रहा है?
सुरक्षा का सबसे बड़ा खतरा: इजरायल की ‘हिट लिस्ट’ पर हैं मोजतबा!
भारत में मौजूदा ईरानी नेतृत्व के प्रतिनिधि अयातुल्ला हाकिम इलाही ने समाचार एजेंसी ANI के हवाले से इस बात की पुष्टि की है कि यह कठोर फैसला सिर्फ और सिर्फ सुरक्षा कारणों से लिया गया है।
- इजरायल की सीधी धमकी: हाल ही में इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कथित तौर पर मोजतबा खामेनेई को ‘मारे जाने के लिए चिन्हित’ (Targeted for Elimination) बताया था।
- निगरानी और हवाई हमले का डर: इजरायल और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर और ड्रोन हमलों के इनपुट को देखते हुए, मोजतबा का किसी भी सार्वजनिक जगह पर आना उनकी जान के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।
पहले भी झेल चुके हैं बड़ा सदमा: रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी साल 28 फरवरी को एक कथित अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मोजतबा ने अपनी पत्नी जहरा हद्दाद-अदेल और पिता अली खामेनेई दोनों को खो दिया था। तब भी सुरक्षा कारणों से वह अपनी पत्नी के जनाजे में नहीं पहुंच पाए थे।
ईरान में जुटने वाली है 2 करोड़ की ऐतिहासिक भीड़
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर ईरान में सुरक्षा और भावनाएं चरम पर हैं:
- शहादत वाली जगह पहुंचा ताबूत: बिना किसी पूर्व तय कार्यक्रम के, पूर्व सुप्रीम लीडर के ताबूत को अचानक उसी जगह ले जाया गया जहां हवाई हमले में उनकी मौत हुई थी।
- 4 से 9 जुलाई तक महा-आयोजन: ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में 4 जुलाई से 9 जुलाई तक अंतिम संस्कार के कार्यक्रम चलेंगे।
- रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की उम्मीद: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, तेहरान में होने वाली सार्वजनिक विदाई में 2 करोड़ तक लोगों के जुटने की उम्मीद है।
ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी: ‘नुकसान पहुंचाया, तो अंजाम भुगतोगे’
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिका और इजरायल को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी दी है। अराघची ने कहा कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष विराम के लिए हुए 14-सूत्रीय समझौते के तहत इजरायल को काबू में रखना अमेरिका की जिम्मेदारी है। अगर ईरान की जनता या नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के खिलाफ कोई भी गुस्ताखी की गई, तो ईरान इसका तत्काल और विनाशकारी जवाब देगा।
बैकचैनल डिप्लोमेसी: दोहा में पर्दे के पीछे की बातचीत
एक तरफ जहां युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। 1 जुलाई को दोहा में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई है, जिसमें शांति समझौते को लेकर कुछ सकारात्मक प्रगति की बात कही गई है। हालांकि, अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बिना जनता के सामने आए मोजतबा खामेनेई ईरान की सत्ता को इस संकट के दौर में कैसे संभालते हैं।