मुंबई। देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी (BMC) की लापरवाही एक बार फिर मासूम स्कूली बच्चों की जान पर भारी पड़ गई है। मुंबई के चेंबूर इलाके में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां बच्चों से भरी एक चलती स्कूल बस पर अचानक एक विशालकाय पेड़ गिर पड़ा। इस भीषण दुर्घटना में 10 से ज्यादा बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।
हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। यह घटना सिर्फ एक प्राकृतिक हादसा नहीं है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की उस घोर लापरवाही का नतीजा है, जिसके खिलाफ लोग महीनों से गुहार लगा रहे थे।
चेंबूर के रोड नंबर 11 पर हुआ हादसा, एक बच्चा अब भी फंसा
चेंबूर इलाके से मिल रही शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसा बेहद खौफनाक था:
- अचानक गिरा पेड़: स्कूल बस जब चेंबूर के रोड नंबर 11 से गुजर रही थी, तभी सड़क किनारे खड़ा एक भारी-भरकम पेड़ अचानक बस के ऊपर आ गिरा। पेड़ का वजन इतना ज्यादा था कि बस का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह पिचक गया।
- युद्धस्तर पर रेस्क्यू: स्थानीय लोगों और राहत-बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर ज्यादातर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
- एक मासूम अब भी अंदर: दर्दनाक बात यह है कि ताजा अपडेट के मुताबिक, एक बच्चा अभी भी बस के मलबे के अंदर फंसा हुआ है, जिसे सुरक्षित निकालने के लिए कटर और क्रेन की मदद ली जा रही है।
आक्रोश में स्थानीय लोग: ‘BMC के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी’
इस हादसे ने स्थानीय निवासियों के गुस्से को भड़का दिया है। लोगों का आरोप है कि यह हादसा टाला जा सकता था:
- लगातार लिखी जा रही थीं चिट्ठियां: चेंबूर के स्थानीय नागरिकों ने बीएमसी (BMC) के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें भेजी थीं, जिनमें खतरनाक हो चुके पेड़ों की छंटाई करने या उन्हें वहां से हटाने की मांग की गई थी।
- पहले भी हो चुका था हादसा: लोगों का कहना है कि इसी रोड पर पहले भी पेड़ गिरने की ऐसी ही एक घटना हो चुकी थी, जिससे सबक लिया जा सकता था।
- प्रशासन की चुप्पी: कई पत्र लिखे जाने के बावजूद बीएमसी के आपदा प्रबंधन और उद्यान विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसका खामियाजा आज इन मासूम बच्चों को भुगतना पड़ा है।