लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। यूपी एसटीएफ (UP STF) ने शनिवार सुबह एक लाख रुपये के इनामी और कुख्यात शार्प शूटर संजय उर्फ संजीव को एक सनसनीखेज मुठभेड़ में मार गिराया है। यह वही शूटर है जिसने महज 5 लाख रुपये की सुपारी लेकर लखनऊ के नामचीन बिल्डर संदीप सिंह की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी।
यह एनकाउंटर लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर हुआ। एसटीएफ और शूटर के बीच हुई इस क्रॉस-फायरिंग में संजय गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे तुरंत डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
5 लाख की सुपारी और ‘खान मुबारक’ गैंग का कनेक्शन
यूपी एसटीएफ की तफ्तीश में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह है इस हत्याकांड के पीछे का अंडरवर्ल्ड और जरायम की दुनिया का नेटवर्क। पुलिस के मुताबिक:
- गैंगस्टर कनेक्शन: मारा गया शूटर संजय उर्फ संजीव मूल रूप से अंबेडकरनगर का रहने वाला था। वह अंबेडकरनगर के कुख्यात अपराधी दिलीप वर्मा और अंडरवर्ल्ड के बड़े नाम खान मुबारक गैंग के सीधे संपर्क में था।
- क्राइम हिस्ट्री: संजय पर अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या और लखनऊ समेत कई जिलों में हत्या, रंगदारी और लूट के दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
क्या था लखनऊ का चर्चित संदीप सिंह हत्याकांड?
बीती 27 मई 2026 को लखनऊ के पॉश इलाके पीजीआई थाना क्षेत्र में बिल्डर संदीप सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर ने लखनऊ पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था।
जांच में हुआ था बड़ा खुलासा: पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश और करोड़ों रुपये के जमीन विवाद को लेकर अंजाम दी गई थी। संदीप सिंह को रास्ते से हटाने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, जिसका मुख्य शूटर संजय ही था।
इस मामले के मास्टरमाइंड दिनेश यादव को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जबकि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले कई अन्य आरोपी भी जेल में हैं। संजय अकेला ऐसा मुख्य मोहरा था जो लगातार फरार चल रहा था और लखनऊ पुलिस आयुक्त ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था।
शनिवार सुबह कैसे हुआ एनकाउंटर?
शनिवार सुबह यूपी एसटीएफ को पुख्ता इनपुट मिला कि संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर संजय इंदिरा कैनाल रोड के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या शहर से भागने की फिराक में है।
- घेराबंदी: एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर संजय को सरेंडर करने के लिए कहा।
- फायरिंग: खुद को घिरा देख शातिर अपराधी संजय ने एसटीएफ टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी।
- जवाबी कार्रवाई: आत्मरक्षार्थ में एसटीएफ ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें संजय को गोली लगी और वह ढेर हो गया।
इस एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ ने राहत की सांस ली है। बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर के खात्मे के साथ ही लखनऊ में जमीन विवाद से जुड़े एक बड़े क्रिमिनल नेक्सस पर पुलिस ने करारी चोट की है।