शिमला: देश के कई हिस्सों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मध्य प्रदेश और गुजरात सहित कई राज्यों में मानसून पहुंच चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी इसकी एंट्री जल्द होने की संभावना जताई गई है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूरे उत्तर-पूर्व भारत के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार वर्षा वाले इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। उधर, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मानसून के औपचारिक आगमन से पहले ही तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया।
शिमला में जलभराव और मलबे से बढ़ी मुश्किलें
शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद शिमला शहर की कई सड़कें और संपर्क मार्ग पानी से भर गए। हालात ऐसे बने कि लोगों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा असर ढली इलाके में देखने को मिला, जहां तेज बारिश के बाद नाले में मलबा आने से तीन वाहन दब गए। कई इलाकों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
स्कूल छुट्टी के समय बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था, शाम 4 बजे जैसे छा गया अंधेरा
बारिश के दौरान स्कूलों की छुट्टी और दफ्तरों से लौटने का समय होने के कारण शहर में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और यात्रियों को लंबे समय तक जाम और धीमी आवाजाही का सामना करना पड़ा। घने बादलों और लगातार बारिश की वजह से शाम करीब चार बजे ही शहर में अंधेरे जैसे हालात बन गए।
भारी बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। कई इलाकों में पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिससे सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और वाहन बेहद धीमी गति से चलते दिखाई दिए।
मौसम विभाग का अलर्ट, अगले सात दिन तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
भारतीय मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में चंबा, शिमला, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए बारिश और आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक इन क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश में अगले सात दिनों तक मौसम सक्रिय बना रह सकता है। 26 से 30 जून के बीच कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 30 जून की रात पश्चिमी विक्षोभ के मजबूत होने के बाद 1 और 2 जुलाई को पहाड़ी इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों के आसपास जाने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की है।
यूपी और राजस्थान में जल्द पहुंचेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मानसून गुजरात और मध्य प्रदेश में सक्रिय हो चुका है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के अधिकांश हिस्से भी मानसूनी गतिविधियों की चपेट में आ चुके हैं। अब मौसम की यही प्रणाली आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी जल्द दस्तक दे सकती है।
हालांकि आधिकारिक एंट्री से पहले ही कई राज्यों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हिमाचल प्रदेश समेत अन्य क्षेत्रों में भी लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है।