कमोडिटी मार्केट के लिए आज की सुबह किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर सेंटिमेंट्स के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में एक बड़ा करेक्शन देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही चांदी की कीमतें 3% से ज्यादा टूटकर 7,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गईं।
चांदी की इस बड़ी गिरावट का असर सोने पर भी साफ दिखा, जहां गोल्ड 1% से अधिक फिसल गया। ग्लोबल इकोनॉमिक इंडिकेटर्स में अचानक हुए बदलावों को देखते हुए इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने तेजी से अपनी पोजीशंस को काटना शुरू कर दिया है, जिससे बाजार में बिकवाली का हाहाकार मच गया।
MCX और हाजिर बाजार के ताजा आंकड़े
मंगलवार सुबह के ट्रेड में वायदा और हाजिर बाजार दोनों जगह भारी बिकवाली का प्रेशर दिखा:
MCX सिल्वर:
बाजार खुलते ही चांदी 7,000 रुपए की भारी गिरावट के साथ 2,27,125 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। हालांकि, शुरुआती झटके के बाद निचले स्तरों पर थोड़ी रिकवरी हुई और यह 6,000 के नुकसान के साथ ट्रेड करती दिखी।
MCX गोल्ड:
10 ग्राम सोने की कीमत में 1,600 रुपए से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसके रेट्स 1,46,528 रुपए के लेवल पर आ गए।
दिल्ली सर्राफा बाजार:
इस क्रैश का सीधा असर फिजिकल मार्केट पर भी पड़ा। दिल्ली के लोकल मार्केट में सोना 1,49,070 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,50,000 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेंड कर रही है।
क्रैश के पीछे के 3 बड़े ग्लोबल फैक्टर्स
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, सर्राफा बाजार में आई इस अचानक गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े इंटरनेशनल कारण हैं:
इंटरनेशनल मार्केट में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई अचानक तेजी ने कीमती धातुओं पर भारी दबाव बनाया है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य विदेशी करेंसी वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी खरीदना महंगा हो जाता है।
ग्लोबल फाइनेंशियल सर्कल्स में इस बात की चर्चा तेज है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ब्याज दरों में कटौती (Rate Cuts) के अपने प्लान को आगे के लिए टाल सकता है। इसके चलते इन्वेस्टर्स ने रिस्की एसेट्स से दूरी बनाना ही बेहतर समझा।
पिछले कई महीनों से सोने और चांदी में लगातार रिकॉर्ड तेजी बनी हुई थी। ऐसे में बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स और ट्रेडिंग डेस्क्स ने हाई लेवल्स पर बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग की, जिसने कीमतों के गिरने की रफ्तार को और तेज कर दिया।
इंटरनेशनल मार्केट और शेयर बाजार पर भी दिखा असर
ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग काउंटर्स पर आज चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा, जिसका असर घरेलू इक्विटी मार्केट पर भी देखने को मिला:
इंटरनेशनल गोल्ड: 1.11% (लगभग 46.45 डॉलर) की कमजोरी के साथ 4,156.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
इंटरनेशनल सिल्वर: चांदी पर सबसे ज्यादा मार पड़ी; यह 4.03% (लगभग 2.645 डॉलर) का गोता लगाकर 62.938 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
स्टॉक मार्केट का हाल
निवेशकों के इस सुस्त सेंटिमेंट का असर केवल कमोडिटी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि घरेलू शेयर बाजार भी रेड जोन में खुला। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 100 अंक और NSE निफ्टी 20 अंक नीचे गिरकर ट्रेड करते नजर आए।
एक्सपर्ट की राय
बढ़ती ब्याज दरें और मजबूत होता डॉलर हमेशा से सर्राफा बाजार की तेजी के लिए सबसे बड़ा स्पीड ब्रेकर रहे हैं। जब तक अमेरिकी फेड का रुख सख्त रहेगा, तब तक सोने और चांदी की कीमतों पर यह दबाव बना रह सकता है।