सहारनपुर/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यूपी एसटीएफ (UP STF) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है।
वाराणसी में सब-इंस्पेक्टर पर जानलेवा हमला कर सरकारी पिस्टल लूटने वाले बिहार के खूंखार ‘सिंह ब्रदर्स’ गैंग के आखिरी बचे एक लाख के इनामी अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन को पुलिस ने सहारनपुर में एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया है।
इस एनकाउंटर के साथ ही यूपी एसटीएफ के जांबाज इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय का वह संकल्प भी पूरा हो गया, जिसकी शुरुआत साल 2022 में वाराणसी के ‘ऑपरेशन पाताल लोक’ से हुई थी।
सहारनपुर में सरसावा-नकुर रोड पर हुई मुठभेड़
पुलिस प्रशासन से मिले इनपुट्स के मुताबिक, सहारनपुर जिले के सरसावा-नकुर रोड पर रविवार देर रात यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने लल्लन सिंह को घेरा।
खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें लल्लन गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे तुरंत नजदीकी सीएचसी सरसावां ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर कर दिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दरोगा पर हमला और पिस्टल लूट की खौफनाक वारदात
यह पूरा मामला 8 नवंबर 2022 से जुड़ा है, जब वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर अजय यादव पर बिहार के तीन सगे भाइयों-मनीष सिंह, रजनीश सिंह और लल्लन सिंह ने कातिलाना हमला किया था।
अपराधियों ने दरोगा को गोली मारकर उनकी सरकारी 9 मिमी सर्विस पिस्टल लूट ली थी। इस घटना से पूरे पूर्वांचल में सनसनी फैल गई थी। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया था।
इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय का ‘संकल्प’ और दो भाइयों का अंत
वाराणसी के तत्कालीन सर्विलांस प्रभारी अंजनी पांडेय ने अपराधियों को दबोचने के लिए “ऑपरेशन पाताल लोक” शुरू किया। घटना के महज 13 दिन बाद यानी 21 नवंबर 2022 को पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मनीष सिंह और रजनीश सिंह उर्फ बउआ मारे गए और लूटी गई पिस्टल बरामद कर ली गई।
लेकिन तीसरा भाई लल्लन सिंह वहां से भागने में सफल रहा, जिसके बाद उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
स्थानांतरण बदला, लेकिन टारगेट नहीं: इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय का ट्रांसफर वाराणसी से यूपी एसटीएफ (UP STF) में हो गया, लेकिन लल्लन सिंह को पकड़ने का उनका मिशन जारी रहा। उन्होंने अपने खुफिया नेटवर्क को सक्रिय रखा और लगातार लल्लन के ठिकानों पर नजर बनाए रखी।
बिहार से यूपी तक फैला था ‘सिंह ब्रदर्स’ का आतंक
मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के आनंदगोलवा गांव का रहने वाला लल्लन सिंह और उसका गैंग पूर्वांचल तथा बिहार में खौफ का दूसरा नाम बन चुका था। इस गैंग पर कई गंभीर आरोप दर्ज थे:
- 7 हत्याओं का आरोप: इस गैंग ने दो सब-इंस्पेक्टर, एक बैंक कैशियर और एक सिक्योरिटी गार्ड सहित कुल 7 लोगों की बेरहमी से हत्या की थी।
- लूट और डकैती: बैंक डकैती, कैश वैन की लूट और पुलिस के सरकारी हथियार लूटने की कई बड़ी वारदातों में यह गैंग शामिल था।
- इनामी अपराधी: लल्लन की गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस कमिश्नर द्वारा 1 लाख रुपये और चंदौली पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
अपराधियों को कड़ा संदेश
सहारनपुर में हुए इस एनकाउंटर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए खाकी पूरी तरह मुस्तैद है। रोहनिया से शुरू हुआ न्याय का यह सफर सहारनपुर में लल्लन सिंह के अंत के साथ खत्म हुआ। इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय और उनकी टीम की यह कामयाबी अपराधियों के लिए एक सीधा और कड़ा संदेश है।