तमिलनाडु के तिरुवल्लुर (Tiruvallur) से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक प्रॉन्ज प्रोसेसिंग (झींगा) फैक्ट्री में अचानक अमोनिया गैस लीक होने से बड़ा हादसा हो गया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस जहरीली गैस की चपेट में आने से 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है।
इस भयावह घटना के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) ने गहरा शोक व्यक्त किया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन करने का आदेश दिया है।
70 से ज्यादा मजदूर एक साथ हुए बीमार, मची भगदड़
हादसे के वक्त फैक्ट्री के भीतर की स्थिति बेहद खौफनाक थी। बताया जा रहा है कि जब गैस का रिसाव हुआ, तब फैक्ट्री के अंदर 100 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे।
- अचानक बिगड़ी तबीयत: अमोनिया गैस हवा में फैलते ही लगभग 70 से ज्यादा मजदूरों की तबीयत एक साथ बिगड़ने लगी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन होने लगी।
- मच गई भगदड़: खुद को असुरक्षित देख और दम घुटता महसूस कर बाकी के स्टाफ और मजदूरों ने जान बचाने के लिए बाहर की तरफ दौड़ लगाई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीम भारी अमले के साथ मौके पर पहुंची। डॉक्टरों की एक विशेष टीम अस्पताल में भर्ती कराए गए बाकी मजदूरों की हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
आक्रोश में श्रमिक; फैक्ट्री में होता था झींगा प्रोसेसिंग का काम
प्रशासन से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस फैक्ट्री में झींगा (Shrimp/Prawn) प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का काम बड़े पैमाने पर होता था। झींगों को सुरक्षित और ठंडा रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज सिस्टम में अमोनिया गैस का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें रिसाव (Ammonia Gas Leak) होने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। इस लापरवाही को लेकर स्थानीय श्रमिकों और मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का बड़ा एक्शन: 3 सदस्यीय जांच समिति गठित
हादसे की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने तुरंत एक्शन लिया है। उन्होंने हादसे की तह तक जाने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति (Three-Member Inquiry Committee) बनाने का निर्देश दिया है।