Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: गृहिणियों का काम अब ‘आर्थिक मूल्य’ के बराबर! सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, मुआवजे के नियम बदले
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > गृहिणियों का काम अब ‘आर्थिक मूल्य’ के बराबर! सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, मुआवजे के नियम बदले
Trending Newsराज्य

गृहिणियों का काम अब ‘आर्थिक मूल्य’ के बराबर! सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, मुआवजे के नियम बदले

news desk
Last updated: June 11, 2026 4:11 pm
news desk
Share
SHARE

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों (housewives) को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जो देशभर में मोटर दुर्घटना मुआवजा मामलों (Motor Accident Compensation Cases) की दिशा बदल देगा।

Contents
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: क्या हैं मुख्य बिंदु?क्यों अहम है यह निर्णय?आम जनता पर असर

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि घर का कामकाज संभालने वाली महिलाएं केवल परिवार की देखभाल नहीं करतीं, बल्कि वे ‘राष्ट्र निर्माण’ (nation builder) में प्रत्यक्ष भागीदार हैं।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: क्या हैं मुख्य बिंदु?

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने अपने फैसले में कई अहम बातें कहीं:

  • न्यूनतम मूल्य 30,000 रुपये: कोर्ट ने निर्धारित किया है कि सड़क दुर्घटना में गृहिणी की मृत्यु या अक्षमता होने पर, उनके द्वारा की जाने वाली घरेलू सेवाओं की क्षति का मूल्य न्यूनतम 30,000 रुपये प्रति माह माना जाएगा।
  • स्वतंत्र कैटेगरी: मुआवजे की गणना में ‘लॉस ऑफ डोमेस्टिक केयर’ (Loss of Domestic Care) को अब एक अलग और स्वतंत्र कैटेगरी माना जाएगा।
  • श्रम का सम्मान: कोर्ट ने कहा कि घरेलू कार्यों का आर्थिक मूल्य होता है, भले ही इसके लिए प्रत्यक्ष वेतन न मिलता हो। अब मुआवजे के लिए उन्हें केवल ‘न्यूनतम मजदूरी’ के पैमाने पर नहीं तौला जाएगा।

क्यों अहम है यह निर्णय?

अदालत ने पंजाब के वर्ष 2001 के एक पुराने मामले (रेशमा बनाम दुर्घटना मामला) पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट ने इस पर गहरी चिंता जताई कि कैसे एक मुआवजा मामला दो दशकों से अधिक समय तक अदालतों में लंबित रहा।

  • समयबद्ध निपटारा: सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीशों को निर्देश दिया है कि मोटर दुर्घटना मामलों का निपटारा एक वर्ष के भीतर सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं।
  • सामाजिक मान्यता: जस्टिस करोल ने कहा कि गृहिणी बच्चों के पालन-पोषण और परिवार की व्यवस्था के जरिए जो योगदान देती हैं, वह समाज और राष्ट्र के विकास में नींव का काम करता है।

आम जनता पर असर

कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से आने वाले समय में मोटर दुर्घटना मुआवजे की राशि में भारी वृद्धि होगी। यह निर्णय न केवल गृहिणियों के श्रम को आर्थिक मान्यता देता है, बल्कि अदालती दावों में उनके योगदान को भी उचित सम्मान प्रदान करता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Justice Sanjay Karol, Loss of Domestic Care, Motor Accident Claims, Nation Builder Housewives, upreme Court Verdict on Housewife Compensation
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article कानपुर यूपी टी-20 लीग की तैयारियों के लिए ग्रीन पार्क स्टेडियम में सुरक्षा का जायजा
Next Article अमेरिका में ‘क्राइम बॉस’ बना भारतीय बिजनेसमैन! हनी ट्रैप और गंदे खेल के जरिए किया 1000 करोड़ का महाघोटाला

फीचर

View More

31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? आखिर क्यों डरावने कपड़े पहनते हैं लोग, 2000 साल पुरानी है इसकी कहानी

नई दिल्ली: हर साल 31 अक्टूबर को दुनिया के कई देशों में हैलोवीन मनाया जाता है। इस दिन लोग भूतों,…

By vineet verma 6 Min Read

पृथ्वी पर सबसे ज्यादा उम्र तक जिंदा रहता है कौन-सा जीव? 15 हजार साल तक नहीं आती मौत

नई दिल्ली: पृथ्वी पर इंसानों की औसत उम्र भले ही कुछ दशकों…

7 Min Read

भारत में सुपर अल नीनो का खतरा! गर्मी से 55 हजार मौतों का अनुमान, जानिए किन देशों पर सबसे ज्यादा असर

नई दिल्ली। दुनिया के कई हिस्सों में बदलते मौसम और बढ़ते तापमान…

6 Min Read

विचार

View More

‘हम खुद अपनी बर्बादी बना रहे हैं’, AI से डरा 10 साल का अनुभव रखने वाला इंजीनियर! अब कोडिंग छोड़ खेती करने का क्यों कर रहा है विचार?

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत ने अब…

October 27, 2026

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए,…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

You Might Also Like

Trending Newsराज्य

चक्रवात अर्नब के बीच समझिए तूफान की ताकत, आखिर कितनी दूर तक पहुंच सकता है इसका असर?

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में चक्रवात अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदला हुआ…

6 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

इजरायल के पीएम नेतन्याहू को कितनी मिलती है सैलरी? पीएम मोदी से ज्यादा कमाते हैं या कम, जानिए पूरा हिसाब

नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारियां अपने-अपने देशों में बेहद अहम…

5 Min Read
Trending Newsसियासी

BJP को फिर लगेगा झटका! पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी थामेंगे सपा का दामन, 3 नवंबर को अखिलेश यादव से करेंगे मुलाकात

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला तेज होता दिखाई दे…

5 Min Read
Latest Newsउत्तर प्रदेशराज्य

लखनऊ में डेंगू का बढ़ता खतरा! 72 घंटे में मिले 75 नए मरीज, 698 तक पहुंचा आंकड़ा… इन इलाकों में सबसे ज्यादा केस

लखनऊ: मौसम में बदलाव और बेमौसम बारिश के बीच राजधानी में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?