नई दिल्ली । वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और ‘ब्लैक मंडे’ के झटके के बाद आज भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कमोडिटी मार्केट (MCX) और घरेलू खुदरा बाजारों में आज सुबह से ही बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है, जिससे सोना करीब 1,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 500 से 1,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है।
शादियों के सीजन के बीच सोने-चांदी का सस्ता होना खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है।
सोने की आज ताजा कीमत
| सोने की शुद्धता | आज का रेट | कल की कीमत | कीमत में गिरावट |
| 24 कैरेट | 1,51,800 | 1,52,840 | 1040 रुपये |
| 22 कैरेट | 1,39,050 | 1,40,000 | 950 रुपये |
| 18 कैरेट | 1,13,850 | 1,14,630 | 780 रुपये |
सर्राफा बाजार का ताजा हाल: चांदी ₹2.60 लाख के स्तर पर
आज सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और रिटेल मार्केट खुलते ही कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई:
- सोने में गिरावट: घरेलू बाजारों में प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत में लगभग 1,000 रुपये की बड़ी कटौती देखी गई है।
- चांदी की चमक पड़ी फीकी: बिकवाली के दबाव के चलते आज चांदी की कीमत बाजार में 2,59,900 रुपये से लेकर 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच टिकी हुई है।
- खुदरा बाजार (Retail Market): खुदरा बाजारों में आज प्रति 10 ग्राम चांदी का भाव 260 से 270 रुपये के दायरे में कारोबार कर रहा है।
अचानक क्यों औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के दाम? (3 मुख्य कारण)
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे तीन बड़े बदलावों ने सोने और चांदी की कीमतों को नीचे धकेल दिया है:
1. ईरान-इजरायल युद्ध टलने की उम्मीद (Ceasefire Hopes)
मिडिल ईस्ट में अमेरिका की कूटनीतिक मध्यस्थता रंग लाती दिख रही है। सोमवार को ईरान और इजरायल दोनों ही एक-दूसरे पर हवाई हमलों को रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। युद्ध का खतरा टलने से निवेशकों का डर कम हुआ है, जिससे उन्होंने सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Assets) से अपना पैसा निकालकर दोबारा शेयर बाजार का रुख करना शुरू कर दिया है।
2. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर एक बार फिर मजबूत होकर उभरा है। डॉलर के मजबूत होने का सीधा असर कमोडिटी मार्केट (MCX) पर पड़ा है, जिससे स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) टूटकर अपने दो महीने के निचले स्तर (4,319 डॉलर प्रति औंस) के करीब पहुंच गया है।
3. यूएस ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में उछाल
अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड (Yield) दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। वित्तीय जानकारों का मानना है कि जब सरकारी बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है, तो ब्याज न देने वाले सोने के प्रति निवेशकों का आकर्षण स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है।