भुवनेश्वर: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सरकारी इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को करोड़ों रुपये नकद, कई भूखंड और आलीशान मकानों का पता चला, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (ITDA) में तैनात सहायक कार्यकारी अभियंता बैकुंठ नाथ बेहरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच की जा रही है। विजिलेंस विभाग को तलाशी के दौरान लगभग 2 करोड़ रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है।
9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
विशेष सतर्कता न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर विजिलेंस विभाग की टीमों ने भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर और बालीगुडा समेत कुल नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। तलाशी के दौरान इंजीनियर और उसके परिजनों से जुड़ी संपत्तियों की जांच की गई।
13 प्लॉट और 5 मकानों का खुलासा
जांच के दौरान अधिकारियों को कई अचल संपत्तियों की जानकारी मिली। प्रारंभिक जांच में भुवनेश्वर के विभिन्न इलाकों में बहुमंजिला इमारतों और आवासीय मकानों का पता चला है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार अब तक इंजीनियर से जुड़े 13 प्लॉट और 5 मकानों की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है और उनकी वास्तविक बाजार कीमत का आकलन किया जा रहा है।
संपत्तियों की जांच जारी
अधिकारियों का कहना है कि अभी तलाशी और दस्तावेजों की जांच जारी है। बैंक खातों, निवेश, जमीन खरीद से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि बरामद संपत्तियां घोषित आय के अनुरूप हैं या नहीं।
रिश्वतखोरी के एक और मामले में गिरफ्तारी
इसी दौरान ओडिशा विजिलेंस ने कटक जिले में बिजली विभाग से जुड़े एक लाइनमैन को भी कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि किसान की कृषि भूमि से गुजर रही बिजली लाइन से संबंधित कार्य के बदले कर्मचारी ने रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज
ओडिशा विजिलेंस विभाग लगातार आय से अधिक संपत्ति और रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी और सभी वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद संपत्ति के वास्तविक मूल्य, नकदी और अन्य निवेशों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।