Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: पूर्वांचल पर बादलों की बेरुखी, पश्चिमी यूपी पर मेहरबानी! देवरिया रह गया था पिछले साल प्यासा…आखिर क्या है बारिश के असमान बंटवारे का कारण?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > पूर्वांचल पर बादलों की बेरुखी, पश्चिमी यूपी पर मेहरबानी! देवरिया रह गया था पिछले साल प्यासा…आखिर क्या है बारिश के असमान बंटवारे का कारण?
Latest News

पूर्वांचल पर बादलों की बेरुखी, पश्चिमी यूपी पर मेहरबानी! देवरिया रह गया था पिछले साल प्यासा…आखिर क्या है बारिश के असमान बंटवारे का कारण?

vineet verma
Last updated: June 4, 2026 10:14 am
vineet verma
Share
SHARE

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून को लेकर हर साल नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि राज्य के पूर्वी जिलों में बारिश लगातार कमजोर पड़ रही है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा रही है। सबसे चिंताजनक स्थिति देवरिया जिले की रही, जहां पिछले वर्ष देश में सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर पूर्वांचल में बादल क्यों मेहरबान नहीं हो रहे, जबकि पश्चिमी जिलों में अच्छी बारिश हो रही है।

Contents
देवरिया में सबसे ज्यादा बारिश की कमी दर्जमानसून ट्रफ की स्थिति बनती है सबसे बड़ा कारणपश्चिमी विक्षोभ से पश्चिमी यूपी को मिलता है फायदाबंगाल की खाड़ी से मिलने वाली नमी भी पड़ रही कमजोरअत्यधिक गर्मी भी बन रही बारिश की दुश्मनअल नीनो का असर भी पड़ता है पूर्वी भारत पर ज्यादाइस बार भी कम बारिश की आशंका

पिछले मानसून सीजन के आंकड़ों के अनुसार पूरे उत्तर प्रदेश में औसतन सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई थी। हालांकि क्षेत्रवार तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई दी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 32 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में औसतन 3 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई।

देवरिया में सबसे ज्यादा बारिश की कमी दर्ज

पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले वर्ष बारिश का गंभीर संकट देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार देवरिया में जहां पूरे मानसून सीजन में लगभग 759.4 मिलीमीटर वर्षा सामान्य मानी जाती है, वहां केवल 97.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। यह सामान्य से करीब 87 प्रतिशत कम थी।

सिर्फ देवरिया ही नहीं, गोरखपुर में 43 प्रतिशत, मऊ में 53 प्रतिशत, आजमगढ़ में 40 प्रतिशत और बलिया में 21 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में औसत से काफी अधिक बारिश हुई।

मानसून ट्रफ की स्थिति बनती है सबसे बड़ा कारण

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून ट्रफ वर्षा वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह कम दबाव का एक क्षेत्र होता है जो उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला रहता है।

जब मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में रहती है, तब उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में अच्छी बारिश होती है। लेकिन जब यह उत्तर की ओर खिसक जाती है तो वर्षा का केंद्र पहाड़ी राज्यों की ओर चला जाता है। ऐसे में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में अधिक बारिश होती है, जबकि पूर्वांचल के कई जिले अपेक्षाकृत सूखे रह जाते हैं।

पश्चिमी विक्षोभ से पश्चिमी यूपी को मिलता है फायदा

पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागर और पश्चिम एशिया क्षेत्र से आने वाली मौसम प्रणाली है। पहले इसका प्रभाव मुख्य रूप से सर्दियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में मानसून के दौरान भी इसकी सक्रियता बढ़ी है।

जब पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय होता है तो वहां अतिरिक्त नमी और वर्षा की स्थिति बनती है। पश्चिमी यूपी इन प्रणालियों के प्रभाव क्षेत्र में आता है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश अक्सर इनके सीधे प्रभाव से बाहर रहता है।

बंगाल की खाड़ी से मिलने वाली नमी भी पड़ रही कमजोर

पूर्वी उत्तर प्रदेश की बारिश काफी हद तक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमीयुक्त हवाओं पर निर्भर करती है। सामान्य परिस्थितियों में ये हवाएं बिहार होते हुए पूर्वांचल तक पहुंचती हैं और अच्छी वर्षा कराती हैं।

हालांकि इसके लिए बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली का बनना जरूरी होता है। यदि ऐसी प्रणाली कमजोर हो या मानसून ट्रफ असामान्य स्थिति में हो, तो नमी पूर्वांचल तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती।

अत्यधिक गर्मी भी बन रही बारिश की दुश्मन

विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लगातार पड़ने वाली लू भी वर्षा को प्रभावित कर रही है।

जब जमीन अत्यधिक गर्म हो जाती है तो ऊपर से आने वाले बादलों और सतह के तापमान के बीच असंतुलन पैदा होता है। इससे कई बार बादल पर्याप्त वर्षा किए बिना आगे बढ़ जाते हैं। मौसम विभाग ने भी इस वर्ष जून में उत्तर प्रदेश में सामान्य से अधिक गर्मी और लू की स्थिति रहने का अनुमान जताया है।

अल नीनो का असर भी पड़ता है पूर्वी भारत पर ज्यादा

अल नीनो एक वैश्विक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इसका असर भारतीय मानसून पर भी पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो की स्थिति बनने पर मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में वर्षा अधिक प्रभावित होती है। वर्ष 2015-16 और 2023 के दौरान भी मानसून पर इसके प्रभाव देखे गए थे। इसी वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में बारिश की कमी अधिक दिखाई देती है।

इस बार भी कम बारिश की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक जून से सितंबर के बीच देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। यदि अल नीनो की स्थिति मजबूत होती है तो मानसून का वितरण असमान रह सकता है।

ऐसी स्थिति में कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं, जबकि अन्य इलाकों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में जून के दौरान तेज गर्मी और लू की चेतावनी भी जारी की गई है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Deoria Rainfall, Deoria Weather News, Eastern UP Rainfall, Eastern Uttar Pradesh Weather, El Nino Effect India, IMD Monsoon Forecast, IMD weather alert, Monsoon in Uttar Pradesh, Monsoon Trough, Rain Deficit UP, UP Monsoon 2026, UP Rainfall, UP weather news, UP Weather Update, Western Disturbance, Western UP Rainfall, अल नीनो प्रभाव, आजमगढ़ मौसम, उत्तर प्रदेश वर्षा, गोरखपुर बारिश, देवरिया बारिश, देवरिया मौसम, पश्चिमी यूपी में ज्यादा बारिश, पश्चिमी विक्षोभ, पूर्वांचल मौसम, पूर्वी यूपी में कम बारिश, मानसून ट्रफ, मानसून पूर्वानुमान, यूपी बारिश अपडेट, यूपी मानसून 2026, यूपी मौसम समाचार, लू और बारिश
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article नाखूनों पर दिखने लगी हैं धारियां? जानिए किस कमी का हो सकता है संकेत और कब हो जाएं सतर्क
Next Article Fever Blisters, Herpes Simplex Virus, Lip Blisters After Fever, Mouth Infection, Fever Blister Treatment, Cold Sores, Lip Infection Causes, Viral Infection Symptoms, Health Tips Hindi, Fever Recovery, बुखार के बाद होंठों पर दाने, होंठों के छाले, हरपीज सिम्प्लेक्स वायरस, फीवर ब्लिस्टर, मुंह में दाने, होंठों का संक्रमण, वायरल संक्रमण, दवा की एलर्जी, होंठों के छालों का इलाज, हेल्थ टिप्स हिंदी, घरेलू उपाय, Cold Sores Treatment, Lip Blister Remedy, Oral Infection, Health News Hindi, Wellness Tips, Medical News Hindi, Fever Symptoms, Immunity Weakness, Mouth Ulcer Care बुखार के बाद होंठों पर दाने क्यों निकल आते हैं? जानिए इसके कारण, इलाज और कितने दिनों में मिलती है राहत

फीचर

View More

44 डिग्री गर्मी में फिर चर्चा में आया सेल्सियस, जानिए सेंटीग्रेड का क्या है मतलब और कैसे शुरू हुई तापमान मापने की यह प्रणाली

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी है और तापमान लगातार नए स्तर छू रहा…

By vineet verma 4 Min Read

दुनिया का पहला फ्रिज कैसा था? भारत में कब हुई इसकी एंट्री, जानिए ठंडक देने वाली इस तकनीक का पूरा इतिहास

लखनऊ: आज के दौर में फ्रिज हर घर की जरूरत बन चुका…

6 Min Read

‘फ़ोन की दुनिया में खो रहा है बचपन’, उंगलियों की रफ्तार रिश्तों में ला रही ठहराव! कभी मैदानों में गूंजती थी बच्चों की आवाज, आज स्क्रीन पर सिमट गया बचपन

गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी है एक समय था जब इन…

3 Min Read

विचार

View More

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

You Might Also Like

Latest Newsफीचर

44 डिग्री गर्मी में फिर चर्चा में आया सेल्सियस, जानिए सेंटीग्रेड का क्या है मतलब और कैसे शुरू हुई तापमान मापने की यह प्रणाली

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी है और तापमान लगातार नए स्तर छू रहा…

4 Min Read
मानसून क्या है, Monsoon Explained, What is Monsoon, India Monsoon 2026, IMD Monsoon Update, दक्षिण पश्चिम मानसून, मॉनसून कैसे आता है, मानसून की बारिश, Monsoon Arrival India, Rainfall News, Weather Update, Monsoon Facts, IMD Weather Forecast, Monsoon Forecast, Monsoon News Hindi, बारिश का विज्ञान, प्री मानसून, Monsoon Rainfall, India Weather News, Monsoon Meaning, Monsoon Arrival Date, Weather News Hindi, मानसून अपडेट, मानसून की जानकारी, भारतीय मौसम विभाग
Latest News

क्या होता है मॉनसून, भारत में कैसे करता है एंट्री, IMD किन आधारों पर करता है घोषणा? जानिए बारिश से जुड़ी हर अहम बात

नई दिल्ली: देशभर में लोग भीषण गर्मी से राहत का इंतजार कर रहे हैं और निगाहें मॉनसून पर टिकी हैं।…

8 Min Read
Latest Newsवर्ल्ड

पुतिन का 26 अरब डॉलर का मिशन! क्या बुढ़ापे को मात देकर इंसान बन सकेगा जवान? रूस क्यों कर रहा है एंटी-एजिंग टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव

मॉस्को: दुनिया भर में बढ़ती उम्र को धीमा करने और लंबी उम्र पाने को लेकर वैज्ञानिक शोध लगातार जारी हैं,…

6 Min Read
Latest Newsफीचर

क्या बिना बिजली के चलेगा एसी? नमक, पानी और धूप से ठंडा होगा कमरा, नई तकनीक ने जगाई उम्मीद

रियाद: बढ़ती गर्मी और बिजली की बढ़ती खपत के बीच एक ऐसी तकनीक चर्चा में है, जो भविष्य में एयर…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?