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मिडिल ईस्ट में मची खलबली! क्या ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दे दिया है इस्तीफा? जानें पूरा सच

news desk
Last updated: June 1, 2026 11:01 am
news desk
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ईरान-अमेरिका शांति समझौते के बीच आई बड़ी खबर

  • बड़ा दावा: मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सुप्रीम लीडर को इस्तीफा सौंपा।
  • वजह: IRGC के कट्टरपंथियों के बढ़ते दखल और फैसलों से अलग-थलग किए जाने से थे परेशान।
  • ईरान का पलटवार: राष्ट्रपति कार्यालय ने दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘बचकाना अफवाह’ बताया।
  • ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले- “हम ईरान के साथ एक बेहतरीन डील के करीब।”

तेहरान/वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है। एक तरफ जहां ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे शांति समझौते (Iran-US Peace Treaty) को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के भीतर से राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबर ने सबको हैरान कर दिया है।

Contents
ईरान-अमेरिका शांति समझौते के बीच आई बड़ी खबरतो क्या वाकई अलग-थलग पड़ गए हैं राष्ट्रपति पेजेशकियान?राष्ट्रपति ऑफिस ने किया खंडन: “यह सिर्फ एक बदनाम नेटवर्क की अफवाह है”दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: “हम बहुत अच्छे समझौते के करीब”ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा

फॉक्स न्यूज ने ‘ईरान इंटरनेशनल’ के हवाले से दावा किया है कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने सुप्रीम लीडर के ऑफिस को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि, ईरानी सरकार ने इस दावे पर तुरंत और तीखी प्रतिक्रिया दी है।

तो क्या वाकई अलग-थलग पड़ गए हैं राष्ट्रपति पेजेशकियान?

लीक हुई रिपोर्ट और अनाम सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि पेजेशकियान देश की अंदरुनी राजनीति से बेहद आहत हैं। इस्तीफे के पत्र में कथित तौर पर लिखा गया है कि:

“मौजूदा प्रशासन को देश के बड़े और रणनीतिक फैसले लेने की प्रक्रियाओं से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भीतर सक्रिय कट्टरपंथी गुटों ने सभी अहम मामलों पर अपना नियंत्रण जमा लिया है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, पेजेशकियान ने साफ कहा कि ऐसी परिस्थितियों में वह प्रभावी ढंग से शासन करने और अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को निभाने में असमर्थ हैं, इसलिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की मांग की है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि सुप्रीम लीडर का ऑफिस इस इस्तीफे को स्वीकार करेगा या नहीं।

राष्ट्रपति ऑफिस ने किया खंडन: “यह सिर्फ एक बदनाम नेटवर्क की अफवाह है”

इस सनसनीखेज दावे के सामने आते ही ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय ने मोर्चा संभाला और इसे पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया। राष्ट्रपति कार्यालय में संचार विभाग के उप-प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने कहा:

“प्रसिद्धि के भूखे कुछ तत्वों के बचकाने बयानों और अफवाहों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। राष्ट्रपति पेजेशकियान देश और जनता की सेवा करने से पीछे नहीं हटेंगे। एक बदनाम विदेशी नेटवर्क द्वारा फैलाई जा रही यह अफवाह उनकी पुरानी मनगढ़ंत चालों का हिस्सा है। ईरान की एकता को तोड़ने का सपना देखने वाले यह चाहत अपने साथ कब्र में ले जाएंगे।”

दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: “हम बहुत अच्छे समझौते के करीब”

ईरान के इस अंदरुनी ड्रामे के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शांति वार्ता को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। फॉक्स न्यूज पर अपनी बहू लारा ट्रंप को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान एक बहुत ही ऐतिहासिक और अच्छे समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा

  • “हम धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से वह हासिल कर रहे हैं जो हम चाहते हैं। अगर आप जल्दबाजी करेंगे, तो बेहतर डील नहीं मिल पाती।”
  • “लेकिन, अगर वाशिंगटन को वह नहीं मिला जो वह चाहता है, तो हमारे पास इस मामले को किसी दूसरे तरीके से खत्म करने के भी रास्ते खुले हैं।”
  • साफ है कि मिडिल ईस्ट में परदे के पीछे बहुत कुछ पक रहा है। एक तरफ ट्रंप जहां समझौते की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं ईरान के भीतर कट्टरपंथियों और उदारवादी गुटों के बीच की खींचतान अब दुनिया के सामने आने लगी है। अब देखना यह होगा कि ईरान का सुप्रीम लीडर इस आंतरिक कलह को कैसे संभालता है।

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