नए महीने की शुरुआत के साथ ही रसोई गैस (LPG) के मोर्चे पर आम आदमी और व्यापारियों के लिए बड़ी खबरें आई हैं। सरकार ने जहाँ एक तरफ बुकिंग और डिलीवरी के सिस्टम को ‘स्मार्ट’ बनाया है, वहीं कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने मार्केट में खलबली मचा दी है।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 1000 रुपए तक की बढ़ोतरी
छोटे व्यापारियों और रेस्टोरेंट मालिकों के लिए आज का दिन भारी रहा। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में करीब 993 से 1000 रुपए का तगड़ा इजाफा हुआ है। यह अब तक की सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है।
शहरों में नई कीमतें
दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 3071.50 रुपए का हो गया है, मुंबई में 3,024, कोलकाता में 3,190 और चेन्नई में 3,230
साथ ही, स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे दुकानदारों का साथी ‘छोटू सिलेंडर’ 5kg वाला सिलिंडर भी 261 महंगा हो गया है। इसके चलते अब बाहर खाना-पीना महंगा होना तय माना जा रहा है।
बुकिंग और डिलीवरी के बदले नियम
सिस्टम में पारदर्शिता लाने और जमाखोरी रोकने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया गया है:
अब आप हर 21 दिन में सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। शहरों में यह लिमिट 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन कर दी गई है। अब डिलीवरी के समय रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया OTP देना अनिवार्य होगा। इससे फर्जी डिलीवरी और ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगेगी।
उज्ज्वला योजना के तहत लाभ ले रहे उपभोक्ताओं के लिए e-KYC कराना अब जरुरी है, वरना सप्लाई रुक सकती है। राहत की बात यह है कि घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
क्यों बढ़ी कीमतें?
कीमतों में इस उछाल की मुख्य वजह ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस और मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।