मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसी खबर आई है जिसने न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि समाज के ‘भरोसे’ को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ उसके ही ‘मुंहबोले चाचा’ ने वो घिनौना काम किया, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।
भरोसे की आड़ में ‘हैवानियत’
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी परिवार का काफी करीबी था और लंबे समय से उनके घर आता-जाता था। इसी जान-पहचान और ‘मुंहबोले’ रिश्ते की आड़ में परिवार उस पर अटूट विश्वास करता था। घटना वाले दिन, जब बच्ची घर में अकेली थी, तब आरोपी ने सारी मर्यादाएं को ताक पर रख इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया।
ग्वालियर पुलिस का ‘क्विक एक्शन’
जैसे ही यह मामला सामने आया, पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है: आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की सबसे गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल टेस्ट करवाकर सभी सबूत जुटा लिए हैं ताकि कोर्ट में मामला कमजोर न पड़े। पुलिस का कहना है कि चार्जशीट इतनी पुख्ता होगी कि आरोपी का बच निकलना नामुमकिन होगा।
क्या हम सुरक्षित हैं?
यह केस एक बार फिर हमारे लिए ‘वेक-अप कॉल’ है। आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के साथ होने वाले अधिकतर अपराधों में चेहरे ‘पहचाने’ हुए ही होते हैं। ग्वालियर की इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भर दिया है और हर कोई आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहा है।