मुंबई। वैश्विक स्तर पर बदलते समीकरणों के बीच भारतीय रुपया एक बार फिर दबाव में नजर आ रहा है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे टूटकर 93.32 पर आ गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में मजबूती और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा सट्टेबाजी से जुड़ी पाबंदियों को आंशिक रूप से हटाने के फैसले ने रुपये की चाल धीमी कर दी है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर (मार्च में ₹95+) से अभी भी करीब 2 रुपये की मजबूती के साथ टिका हुआ है।
RBI का बड़ा फैसला: नियमों में आंशिक बदलाव
रिजर्व बैंक ने सोमवार को एक अहम कदम उठाते हुए 1 अप्रैल को जारी किए गए उन निर्देशों को वापस ले लिया, जो रुपये में अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकने के लिए लगाए गए थे।
अब ऑथराइज्ड बैंक निवासी और अनिवासी ग्राहकों को रुपये से जुड़े ‘नॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट’ (NDDC) की पेशकश फिर से कर सकेंगे। बैंकों को अभी भी ‘रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन’ पर कुछ विशेष सीमाओं का पालन करना होगा।
शेयर बाजार में तेजी: ग्लोबल सेंटीमेंट्स का मिला सहारा
जहाँ एक ओर करेंसी मार्केट में गिरावट है, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार में रौनक लौटती दिख रही है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की खबरों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है।
- सेंसेक्स: 379 अंक बढ़कर 78,899.63 पर कारोबार कर रहा है
- निफ्टी: 103 अंक की बढ़त के साथ 24,468.55 के स्तर को छू गया।
- विदेशी निवेश: सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजार में करीब 2,066 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे स्थानीय मुद्रा को कुछ सहारा मिला है।
क्रूड ऑयल और डॉलर इंडेक्स का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स 97.94 पर पहुंच गया है। वहीं, कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में 0.51% की मामूली गिरावट देखी गई और यह 94.99 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि, पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बुधवार को समाप्त हो रहे सीजफायर को लेकर चिंता बनी हुई है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की आपूर्ति बाधित होती है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें फिर से उछाल मार सकती हैं।