अमेरिका के लॉस एंजिल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट (LAX) पर शनिवार रात एक हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय हथियारों के बाजार में हलचल मचा दी है।
खुद को एक सफल बिजनेसवुमन के तौर पर पेश करने वाली 44 वर्षीय शमीम माफी पर ईरान सरकार के लिए घातक हथियारों की तस्करी और दलाली करने का संगीन आरोप लगा है।
सोशल मीडिया पर ‘आलीशान’ जिंदगी, परदे के पीछे ‘बम और बारूद’
शमीम माफी की सार्वजनिक छवि किसी आम सेलिब्रिटी से कम नहीं थी। वह अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी मर्सिडीज-बेंज रोडस्टर और महंगी विदेश यात्राओं की तस्वीरें साझा करती थीं। लेकिन अमेरिकी जांच एजेंसियों (FBI और अटॉर्नी ऑफिस) ने इस चकाचौंध के पीछे छिपा एक खौफनाक सच उजागर किया है।
फोन रिकॉर्ड से खुलासा हुआ है कि माफी दिसंबर 2022 से जून 2025 के बीच ईरान के खुफिया और सुरक्षा मंत्रालय के सीधे संपर्क में थीं। उन पर ईरानी निर्मित ड्रोन, बम, बम फ्यूज और लाखों राउंड गोला-बारूद के सौदे कराने का आरोप है।
70 मिलियन डॉलर का ‘मौत का सौदा’
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, माफी ने ओमान में पंजीकृत अपनी कंपनी ‘एटलस इंटरनेशनल बिजनेस’ का इस्तेमाल सूडान को हथियार सप्लाई करने के लिए किया।
Mohajer-6 ड्रोन डील: उन्होंने ईरान के रक्षा मंत्रालय द्वारा निर्मित घातक Mohajer-6 सशस्त्र ड्रोन के लिए $70 मिलियन (करीब 580 करोड़ रुपये) से अधिक का अनुबंध कराया।
ये हथियार सूडान के रक्षा मंत्रालय को भेजे गए थे, जो 2023 से भीषण गृहयुद्ध की आग में जल रहा है।
स्थायी निवासी से ‘संदिग्ध तस्कर’ तक का सफर
शमीम माफी ने 2013 में ईरान छोड़ दिया था और 2016 में उन्हें अमेरिका की स्थायी कानूनी निवासी (Green Card Holder) का दर्जा मिला था। कैलिफोर्निया के वुडलैंड हिल्स में रहने वाली माफी अब कानूनी घेरे में हैं।
अमेरिकी अटॉर्नी बिल एसेली के अनुसार, यदि दोष सिद्ध होता है, तो माफी को फेडरल जेल में अधिकतम 20 साल की सजा हो सकती है। अभियोजकों का कहना है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारों के लेनदेन के लिए कोई कानूनी परमिट या लाइसेंस नहीं था।
यह गिरफ्तारी ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क पर अमेरिका की कड़ी कार्रवाई का संकेत है। एक तरफ जहाँ वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता की मेज सज रही है, वहीं शमीम माफी जैसी कड़ियों का पकड़ा जाना इस कूटनीतिक जंग को और जटिल बना देता है।