वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्ध-विराम (Ceasefire) के ऐतिहासिक ऐलान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के लिए सहयोग का हाथ बढ़ाया है।
ट्रंप ने न केवल ईरान को युद्ध में तबाह हुए अपने शहरों और बुनियादी ढांचों के पुनर्निर्माण की अनुमति दी है, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के ट्रैफिक को सुचारू बनाने में मदद की भी पेशकश की है।
पुनर्निर्माण की छूट: ईरान के लिए बड़ी राहत
जंग के दौरान अमेरिका और इजरायल की भीषण बमबारी ने तेहरान और कौम जैसे प्रमुख ईरानी शहरों में भारी तबाही मचाई थी। अमेरिका ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण पुलों और बुनियादी ढांचों को भी निशाना बनाया था।
नया आदेश: ट्रंप ने अब ईरान को इन क्षतिग्रस्त संपत्तियों का फिर से निर्माण शुरू करने की “बड़ी छूट” दे दी है।
असर: विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम तनाव को कम करने और लंबी अवधि की शांति वार्ता के लिए भरोसा कायम करने की दिशा में उठाया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट: ट्रैफिक कंट्रोल में मदद करेगा अमेरिका
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का केंद्र है, युद्ध की शुरुआत से ही नाकेबंदी का शिकार था। ईरान ने केवल अपने ‘मित्र देशों’ को यहां से निकलने की अनुमति दी थी।
ट्रंप की शर्त: सीजफायर तभी प्रभावी होगा जब ईरान इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोल देगा।
सहयोग का वादा: ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका समुद्री ट्रैफिक को मैनेज करने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में ईरान की तकनीकी मदद करने को तैयार है।
कूटनीतिक जीत या रणनीतिक दांव?
राष्ट्रपति ट्रंप का यह नरम रुख उनकी उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें उन्होंने ‘सभ्यता मिटाने’ की बात कही थी।
दो हफ्ते की मोहलत: अमेरिका इन 14 दिनों का उपयोग एक स्थायी शांति समझौते (Final Peace Treaty) को अंतिम रूप देने के लिए करना चाहता है।
ईरान का रुख: तेहरान ने इस ऑफर को स्वीकार किया है, लेकिन अपनी सैन्य तत्परता को “ट्रिगर पर” बनाए रखा है।
अब तक का सबसे बड़ा अपडेट
10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के डेलिगेशन की पहली आधिकारिक मुलाकात होगी। प्रतिबंधों को हटाना, परमाणु संवर्धन और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी जैसे जटिल विषयों पर चर्चा संभव है।