नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में एक दावा तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कहा जा रहा था कि ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से किए गए उस कथित अनुरोध को ठुकरा दिया है, जिसमें भारत ने अपने जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने देने की अनुमति मांगी थी। इस मामले पर विदेश मंत्रालय (MEA) की फैक्ट चेक यूनिट ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा यह दावा पूरी तरह फर्जी और आधारहीन है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह की अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें।
ईरान की नीति को लेकर फैलाया गया दावा भी गलत
सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा था कि ईरान ने अमेरिका और इजराइल के सहयोगी देशों, खासकर भारत, को होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश देने से मना कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस दावे को भी पूरी तरह खारिज करते हुए इसे भ्रामक बताया है। मंत्रालय के मुताबिक भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क लगातार जारी हैं और दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति तथा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इसी बीच मध्य पूर्व में जारी तनाव के बावजूद ईरान ने दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति भी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय ध्वज वाला एलपीजी वाहक ‘Shivalik’ जलडमरूमध्य पार कर चुका है, जबकि ‘Nanda Devi’ के भी जल्द पार करने की उम्मीद है। ये जहाज कतर से एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं। इस फैसले को भारत के लिए राहत माना जा रहा है, क्योंकि भारत अपनी बड़ी मात्रा में तेल और गैस इसी समुद्री मार्ग से आयात करता है और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fattahali ने भी साफ किया है कि भारत और ईरान के बीच दोस्ताना संबंध मजबूत हैं और भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि “भारत हमारा दोस्त है।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम संकेत है।