सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है। अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ सिर पर हेलमेट रख लेने से आप पुलिस की नजरों और भारी जुर्माने से बच जाएंगे, तो अपनी यह सोच बदल लीजिए। नए नियमों के मुताबिक, अब हेलमेट का सही तरीके से न पहना होना भी आपको भारी पड़ सकता है।
हेलमेट की ‘स्ट्रैप’ है अनिवार्य
अक्सर देखा जाता है कि बाइक चलाने वाले पुलिस को देखकर हेलमेट तो सिर पर रख लेते हैं, लेकिन उसकी स्ट्रैप या लॉक नहीं लगाते। प्रशासन के अनुसार, बिना लॉक लगा हेलमेट किसी काम का नहीं है, क्योंकि दुर्घटना के वक्त वह सिर से निकल जाता है।
अब चेकिंग के दौरान अगर हेलमेट का फीता खुला पाया गया, तो उसे ‘बिना हेलमेट’ मानकर 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा।
इन 3 गलतियों पर है प्रशासन की नजर
सिर्फ हेलमेट ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक पुलिस ने अन्य गंभीर उल्लंघनों के खिलाफ भी अभियान छेड़ दिया है:
बाइक पर दो से ज्यादा व्यक्तियों का बैठना अब सीधे तौर पर ई-चालान को दावत देना है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से ऐसे वाहनों की पहचान की जा रही है।
अगर 18 वर्ष से कम उम्र का बच्चा वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो सजा बच्चे को नहीं, बल्कि उसके अभिभावक या गाड़ी मालिक को भुगतनी होगी। इसमें 25,000 रुपए तक का जुर्माना और जेल का भी हो सकती है।
अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर गलत डायरेक्शन में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ अब मौके पर ही गाड़ी जब्त करने तक की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का उद्देश्य सरकारी खजाना भरना नहीं, बल्कि सड़कों पर होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करना है। बिना मानक वाले और बिना लॉक वाले हेलमेट जानलेवा साबित होते हैं, इसलिए अब तकनीकी बारीकियों पर ध्यान दिया जा रहा है।